CM भगवंत मान ने पंजाबी भाषा को बड़े स्तर पर प्रफुल्लित करने के लिए उठाया कदम
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि संशोधन अनुसार हरेक अदारे के लिए बोर्ड पर पंजाबी भाषा (गुरमुखी लिपि) में अपना नाम दिखाना लाज़िमी होगा।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व अधीन मंत्रीमंडल ने आज पंजाब की मातृभाषा पंजाबी को बड़े स्तर पर प्रफुल्लित करने के लिए 'पंजाब दुकानें और कारोबारी अदारें नियम-1958' (पंजाब शॉपज़ एंड कमर्शियल एस्टेबलिशमेंट रूल्ज) में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिससे मौजूदा नियम 22 के इलावा नये नियम 23 और 24 को शामिल किया जायेगा। इस सम्बन्धी फ़ैसला आज यहाँ पंजाब सिवल सचिवालय-1 में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता अधीन उनके कार्यालय में हुई मंत्रीमंडल की मीटिंग के दौरान लिया गया।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि संशोधन अनुसार हरेक अदारे के लिए बोर्ड पर पंजाबी भाषा (गुरमुखी लिपि) में अपना नाम दिखाना लाज़िमी होगा। हालाँकि, बोर्ड पर नाम लिखने के लिए गुरमुखी लिपि के इलावा इससे नीचे अन्य भाषाओं का प्रयोग भी किया जा सकता है। जिन अदारों ने अभी तक ऐसा नहीं किया है, उनको यह नियम लागू होने के छह महीनों के अंदर-अंदर ऐसा करना होगा। नये आदेशों का उल्लंघन करने वालों को पहली बार एक हज़ार रुपए और इसके बाद हरेक उल्लंघन के लिए दो हज़ार रुपए जुर्माना किया जायेगा।
45 दिनों के अंदर सीएलयू जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाया
रियल अस्टेट सैक्टर को उत्साहित करके राज्य में आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए मंत्रीमंडल ने 45 दिनों के अंदर ज़मीन के प्रयोग में तबदीली (सी. एल. यू.) जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाने की मंजूरी दे दी है। पंजाब में ज़मीन के किसी भी हिस्से पर कोई भी निर्माण/ गतिविधि शुरू करने के लिए सी. एल. यू. की मंजूरी लेना लाज़िमी है, जिसके बाद ही सम्बन्धित गतिविधि के लिए लेआउट प्लान/बिल्डिंग प्लान और कालोनी को लायसेंस की इजाज़त दी जाती है। इस सारी प्रक्रिया में कई बार छह महीनों से अधिक समय लग जाता है जिस कारण प्रोजैक्ट में अनावश्यक देरी होती है। परन्तु अब सी. एल. यू., ले आउट प्लान/ बिल्डिंग प्लान और कालोनी को लायसेंस की इजाज़त एक ही समय दी जायेगी जिससे उपरोक्त इजाज़त देने की समय-सीमा 45-60 दिनों तक कम हो जायेगी।
दंगा/आतंकवाद पीड़ितों के लिए आरक्षण 31 दिसंबर, 2026 तक बढ़ाया
मंत्रीमंडल ने अर्बन अस्टेट/इम्परूवमैंट ट्रस्ट/पैपसू टाउनशिप डिवैल्पमैंट बोर्ड और अन्यों की तरफ से बिना किसी वित्तीय रियायत के प्लाटों/ मकानों की अलाटमैंट में दंगा/आतंकवाद पीड़ितों को 5 फ़ीसद आरक्षण देने की मंजूरी दे दी है। पॉलिसी की मियाद 31 दिसंबर, 2021 को ख़त्म हो गई थी परन्तु इस फ़ैसले से पालिसी की मियाद को और पाँच साल भाव 31 दिसंबर, 2026 तक बढ़ा दिया जायेगा।
"पंजाब फूड ग्रेन ट्रांसपोरटेशन पॉलिसी 2023" और "पंजाब फूड ग्रेनज़ लेबर एंड कॉरटेज़ पॉलिसी 2023" को मंजूरी
पंजाब मंत्रीमंडल ने राज्य में अनाज की ढुलाई के लिए "पंजाब फूड ग्रेन ट्रांसपोरटेशन पालिसी 2023" और अनाज की लेबर और कारटेज के लिए "पंजाब फूड ग्रेन लेबर एंड कारटेज पालिसी 2023" को भी मंजूरी दे दी है। पंजाब सरकार अपनी स्टेट खरीद एजेंसियों और एफ. सी. आई. के द्वारा अलग-अलग मनोनीत केंद्रों/मंडियों से अनाज की खरीद करती है। साल 2023 के दौरान अनाज की ढुलाई, अनाज की लेबर और कारटेज के काम मुकाबले वाली और पारदर्शी आनलाइन टैंडर प्रणाली के द्वारा अलाट किये जाएंगे।
ठेके पर भर्ती पटवारियों के वेतन बढ़ाने और 1766 रेगुलर पदों पर सेवामुक्त पटवारियों/कानूनगों की ठेके पर भर्ती को कार्य बाद मंजूरी
प्रशासनिक ज़रूरतों के मद्देनज़र मंत्रीमंडल ने 16 अगस्त, 2022 को ठेका आधार पर रखे पटवारियों के वेतन 25000/- रुपए से बढ़ा कर 35000/- रुपए करने और उम्र हद 64 साल से बढ़ा कर 67 साल करने की मंजूरी दे दी है। राजस्व विभाग राज्य के प्रमुख विभागों में से एक है और राजस्व पटवारियों की मुख्य ड्यूटी पुराने राजस्व रिकार्ड की देखभाल और रिकार्ड का रख-रखाव और अपडेट करना है। राजस्व पटवारियों के पद खाली होने के कारण राजस्व विभाग के कामों को सुचारू ढंग से चलाना कठिन हो गया है। हालाँकि, राजस्व पटवारियों के 1090 पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है, परन्तु यह पटवारी डेढ़ साल की ट्रेनिंग पूरी करने के उपरांत विभाग में अपनी सेवाएं शुरू कर सकेंगे।
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