Chhattisgarhiya Olympics 17 जुलाई से, 16 पारंपरिक खेलों में हर उम्र के प्रतिभागी ठोकेंगे ताल
छत्तीसगढ़िया ओलंपिक (Chhattisgarhiya Olympics) हरेली त्योहार के दिन से शुरू होगा। 17 जुलाई से 16 तरह के पारंपरिक खेलों वाले आयोजन- छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरुआत आबकारी मंत्री कवासी लखमा करेंगे।
सुकमा, सूरजपुर समेत पूरे प्रदेश में छत्तीसगढ़ के 16 पारम्परिक खेलों गिल्ली-डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी, बांटी (कंचा), बिल्लस, फुगड़ी, गेंड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़, लम्बी कूद, रस्सीकूद और कुश्ती का आयोजन किया जाएगा।

Chhattisgarhiya Olympics में बच्चों से लेकर 40 साल से अधिक आयु के महिला-पुरूष प्रतिभागी भी भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिता के पहले वर्ग में 18 वर्ष की आयु तक के प्रतिभागी शरीक होंगे।
दूसरा ग्रुप 18 से 40 वर्ष का है। तीसरा वर्ग 40 वर्ष से अधिक उम्र वाले प्रतिभागियों का है। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों के लिए 06 स्तर निर्धारित किये गए हैं। इसके अनुसार पहले ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र स्तर पर 17 जुलाई से 22 जुलाई तक खेलों का आयोजन नॉकआउट पद्धति से होगा।
राजीव गांधी युवा मितान क्लब स्तर की प्रतियोगिताएं खत्म होने के बाद जोन स्तर पर 26 जुलाई से 31 जुलाई तक छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन होगा। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के बाद विजेताओं / प्रतिभागी-दलों को राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के अंतिम दिन पुरस्कार राशि का वितरण किया जाएगा।












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