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सुखबीर बादल बोले- सिटी सेंटर घोटाले से भाई को बचाने लिए मिन्नतें करते रहे चरणजीत सिंह

चंडीगढ़। CM चरणजीत सिंह चन्नी पर सुखबीर सिंह बादल ने बड़ा आरोप लगाया है। सुखबीर सिंह बादल ने कहा है कि लुधियाना के सिटी सेंटर घोटाले में भाई का नाम आने पर वह उनके पैरों में पड़ते थे और उनसे सहायता मांग रहे थे। इसलिए वह अकाली दल की फेवर में भी थे। अब उनके खिलाफ प्रचार कर रहे हैं, इनका कोई स्टैंड नहीं है। CM चन्नी की तरफ से किए जा रहे सभी ऐलान हवा हवाई हैं। आज कल वह केबल सस्ती करने की बात कह रहे हैं, जबकि वह यह कर ही नहीं सकते हैं, क्योंकि यह सेंटर सरकार का काम है।

channi kept pleading to save his brother from the city center case came to the aid of akali dal

सुखबीर सिंह बादल ने अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर भी झूठ बोलने का आरोप लगाया है। वह कहते हैं कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग झूठ बोल रहे हैं कि उनके नजदीकियों की ट्रांसपोर्ट का 14 करोड़ टैक्स पेंडिंग था और अब भरा गया है। वह सबूत दिखा दें और 14 करोड़ की छोड़ 6 करोड़ की रसीद ही पेश कर दें तो मान जाउंगा। राजनीतिक चर्चा में रहने के लिए यह सब किया जा रहा है। जिसे लोग भली भांति जानते हैं। सुखबीर ने कुछ वीडियो अपने ट्विटर पर शेयर किए हैं।

CM चन्नी के निशाने पर हैं सुखबीर बादल
सुखबीर सिंह बादल लगातार CM चरणजीत सिंह चन्नी के निशाने पर हैं। वह लगातार रैलियां कर रहे हैं और कह रहे हैं कि सब कुछ बादलों ने लूटकर खाया है। इसलिए आज उनकी बसें थानों में बंद खड़ी हैं। अभी तो और भी कार्रवाई होनी बाकी है। CM चन्नी तो यहां तक कह चुके हैं कि पंजाब में जितने भी गबन हुए हैं, उसके तार कहीं न कहीं बादल परिवार से जुड़ते हैं और इसी कारण बादलों को सलाखों के पीछे जाना ही होगा।

एक दूसरे पर तंज कस रहे दोनों नेता
विधानसभा चुनाव 2022 के लिए चुनाव प्रचार किया जा रहा है और इसी के बीच CM चरणजीत सिंह चन्नी और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के निशाने पर हमेशा ही बादल परिवार रहता है। इनके खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर सरकार के यह दोनों मंत्री पूरी तरह तैयार रहते हैं और कोई एक दूसरे को नीचा दिखाने का मौका नहीं छोड़ते।

जानिए क्या था पूरा मामला
साल 2006 में कथित सिटी सेंटर घोटाला मामला सामने आया था, जिसके बाद पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया था। इसके घोटाले में 1144 करोड़ रुपए के हेरफेर की बात कही जा रही थी। उस समय पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार थी। 2007 में सत्ता परिवर्तन के साथ मामले की जांच शुरू हुई। 23 मार्च 2007 को कैप्टन अमरिंदर उनके बेटे, दामाद समेत कई लोगों खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इसके बाद दिसंबर 2007 में मामले में चार्जशीट दाखिल की गई थी। इसी घोटाले में CM चरणजीत सिंह चन्नी के भाई मनमोहन सिंह का नाम आने की बात सुखबीर सिंह बादल द्वारा कही जा रही है।

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