'केंद्र ने किया तेलंगाना की सिंचाई परियोजनाओं को नजरअंदाज', केटीआर ने चिट्ठी लिखकर लगाया आरोप
तेलंगाना के आईटी मंत्री और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने गुरुवार को मोदी सरकार पर हमला बोला और कहा कि केंद्र उनके राज्य की अदम्य भावना को नहीं तोड़ सकता।
केटी रामा राव ने गुरुवार को पर्यावरण मूल्यांकन समिति द्वारा पलामुरू-रंगारेड्डी लिफ्ट सिंचाई योजना (पीआरएलआईएस) के लिए पर्यावरण मंजूरी को स्थगित करने के मुद्दे पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को एक खुला पत्र लिखा। अपने पत्र में केटी रामा राव ने केंद्र सरकार पर तेलंगाना के प्रति भेदभाव करने का आरोप लगाया।

केटीआर ने अपनी चिट्ठी में लिखा, 'मैं यह खुला पत्र तेलंगाना के खिलाफ भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की भेदभावपूर्ण नीतियों के संबंध में पूरी निराशा के साथ लिख रहा हूं। मैं राज्य की सिंचाई परियोजनाओं, विशेषकर पीआरएलआईएस के प्रति केंद्र के अन्यायपूर्ण व्यवहार को उजागर करना चाहता हूं। इस मुद्दे को सबके सामने रखना और इसका शीघ्र समाधान करने की मांग करना आवश्यक है।'
केटीआर ने आगे लिखा, 'मैं अपील करता हूं कि प्रदेश की जनता और सभी दल तेलंगाना के साथ केंद्र के अनुचित व्यवहार की निंदा करें। केंद्र के पूर्वाग्रह से हमारी सिंचाई परियोजनाओं की परिवर्तनकारी क्षमता में बाधा नहीं आनी चाहिए। अब हमारे लिए यह सुनिश्चित करने का समय आ गया है कि तेलंगाना के विकास से अब कोई समझौता नहीं किया जाए।'
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने तेलंगाना की सिंचाई परियोजनाओं को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है, ना कोई सपोर्ट दिया और ना ही फंड दिया। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच कृष्णा जल विवाद को नए ट्रिब्यूनल में भेजने का कोई निर्णय नहीं लिया, जबकि तेलंगाना सरकार ने उनसे मांग की थी।












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