राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द करने पर बीआरएस नेताओं ने भाजपा पर बोला हमला
राहुल गांधी की अयोग्यता को संविधान की घोर गलत व्याख्या करार देते हुए बीआरएस ने ट्विटर पर इस घटना की कड़ी निंदा की।

तेलंगाना के मंत्री और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द करने की निंदा करते हुए कहा कि इस मामले में जल्दबाजी दिखाना बेहद अलोकतांत्रिक है। उन्होंने राहुल गांधी की अयोग्यता को संविधान की घोर गलत व्याख्या करार देते हुए ट्विटर पर इस घटना की कड़ी निंदा की।
वहीं प्रदेश के वित्त मंत्री टी हरीश राव ने राहुल गांधी की संसद से अयोग्यता को भाजपा की तानाशाही और अहंकार बताया। उन्होंने आगाह किया कि लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकार खतरे में हैं। एमएलसी के कविता ने भी ट्वीट किया कि राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करना, यह जानते हुए भी कि उनके पास ऊपरी अदालतों में अपील करने का मौका है, लोकतंत्र पर एक धब्बा है।
एमएलसी कविता ने कहा कि यह अपनी नाकामियों और भ्रष्ट मित्रों से ध्यान हटाने और विपक्ष को दबाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन का एक बड़ा हिस्सा है। इनके अलावा बीआरएस सरकार में मंत्री एस निरंजन रेड्डी, जी जगदीश रेड्डी, एर्राबेल्ली दयाकर राव, पुव्वदा अजय कुमार, कोप्पुला ईश्वर, गंगुला कमलाकर, वी श्रीनिवास गौड़ और कई अन्य ने केंद्र के फैसले की निंदा की और चेतावनी दी कि प्रतिशोध की राजनीति से केवल भाजपा का विनाश होगा।
बीआरएस के मंत्रियों ने याद दिलाया कि कांग्रेस नेता के पास ऊपरी अदालतों का दरवाजा खटखटाने का अवसर है और इसलिए मोदी सरकार को उन्हें अयोग्य घोषित करने में जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेना चाहिए था। बीआरएस सांसद के केशव राव, नामा नागेश्वर राव, तेलंगाना राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष बी विनोद कुमार और कई अन्य नेताओं ने कहा कि अडानी घोटाले पर एक संयुक्त संसदीय समिति की मांग सहित महत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दों को उठाने से विपक्षी दलों को हटाने के लिए राहुल गांधी को निशाना बनाया गया था।












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