आंध्र प्रदेश में भाजपा को है एक्‍टर पवन कल्‍याण की पार्टी का सहारा

2024 में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं लेकिन आंध्र प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी काफी मजबूर नजर आ रही। भाजपा फिल्‍म एक्‍टर पवन कल्‍याण के नेतृत्‍व वाली जन सेना पार्टी के साथ गठबंधन में हैं। भाजपा को उम्‍मीद है कि चूंकि पवन कल्‍याण के फैंस बड़ी संख्‍या में वो उनके गठबंधन के सफल होने में मदद करेगी।

bjp andhra

हालांंकि भाजपा ऐसी पार्टी ऐसी पार्टी पर भरोसा कर बैठी है जिसकी राज्‍य में उपस्थिति कम्‍युनिस्‍ट पार्टी की तरह महज एक प्रतिशत से अधिक है। फिल्‍म अभिनेता पवन कल्‍याण को ये पता है कि वोट हासिल करने के लिए गठबंधन सहयोगी उनके ऊपर पूरी तरह से निर्भर है।

ये ही कारण है कि एक्‍टर ने एकतफा घोषाणा की है कि 2024 के चुनाव में उनकी पार्टी राज्‍य की प्रमुख विपक्षी तेलुगु देशम पार्टी के साथ संयुक्‍त रूप से चुनाव लड़ेगे। टीडीपी के साथ 2024 का चुनाव लड़ने की घोषणा करते समय एक्‍टर पवन कल्‍याण ने इसके लिए भाजपा को सूचित करने तक की परवाह नहीं की।

बात दें पवन कल्‍याण की जेएसपी और टीडीपी की दोस्‍ती कुछ साल पुरानी है। ये दोनों ही पार्टियां आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सरकार को उखाड़ फेंकना चाहती हैं। इसलिए इसमें टीडीपी के साथ गठबंधन करना कोई अचंभित करने वाली बात नहीं है।

टीडीपी के पास लगभग 35 प्रतिशत वोट बैंक है। इसलिए जेएसपी को उम्‍मीद है कि टीडीपी की बदौलत उसे आम चुनावों में बढ़त मिलेगी।

टीडीपी के साथ पवन कल्‍याण की पार्टी जेएसपी का हाथ मिलाना भारतीय जनता पार्टी के लिए खुशी की बात नहीं है क्‍योंकि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने टीडीपी को हर संभव तरीके से अपमानि‍त किया था लेकिन भाजपा जो आंध्र प्रदेश में बुरी स्थिति में है वो चयनकर्ता नहीं हो सक‍ती कि किसको गठबंधन में शामिल करें और किसको ना करें।

वहीं 2019 के चुनाव में टीडीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू ने पूरे देश का दौरा करके नरेंद्र मोदी को हराने की वोटरों से अपील की थी। यहां तक कि गृह मंत्री अमित शाह ने तिरूपति का दौरा किया तो टीडीपी कार्यकर्ताओं ने उन पर पथराव किया और जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद चुनाव प्रचार के लिए आंध्र प्रदेश के दौरे पर आए तो टीडीपी ने काले गुब्बारों से उनका स्वागत किया था।

अब चंद महीने में चुनाव होने वाले हैं ऐसे में भाजपा की निगाहें पवन कल्याण के पक्ष में कापू वोट बैंक पर है। ये ही वजह है कि आंध्र प्रदेश में पार्टी का नेतृत्व करने के लिए दिवंगत एनटी रामा राव की बेटी दग्गुबाती पूर्णदेश्वरी को चुना, और अपने वफादार नेता सोमू वीरराजू को दरकिनार कर दिया। यह वीरराजू ही थे जिन्होंने 2014 से पवन कल्याण को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसके लिए उन्हें एमएलसी सीट से पुरस्कृत किया गया था।

एनटी रामा राव की बेटी दग्गुबाती पूर्णदेश्वरी कोलाने जो कम्मा हैं जिनके जरिए उनके समुदाय के मतदाताओं को लुभाने का है । जो टीडीपी और नायडू के प्रबल समर्थक है। ये ही कारण है कि 2019 में पीएम मोदी और शाह का अपमान करने वाले नायडू की गिरफ्तारी की पुरंदेश्वरी ने निंदा की थी।

आंध प्रदेश को लेकर केंद्र में भाजपा आलाकमान केवल तमाशा देख रहा है क्योंकि वह 2024 के चुनावों के पूर्व पवन कल्याण की सलाह पर और नीचे गिरने और जेएसपी-टीडीपी गठबंधन में शामिल होने के लिए तैयार है। जिसके बाद शर्तियां भाजपा जो अन्‍य राज्‍यों में बड़े भाई की भूमिका में है वो आंध्र प्रदेश में जेएसपी और टीडीपी की दया पर निर्भर हो जाएगी।

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