महिला आरक्षण बिल को बीजद ने बताया सीएम पटनायक की जीत, 2018 में उन्होंने शुरू किया था ये अभियान
Women Reservation Bill: संसद के पांच दिवसीय विशेष सत्र में मंगलवार को महिला आरक्षण बिल पेश किया गया। मोदी सरकार ने इस महिला आरक्षण बिल को नारी शक्ति वंदन अधिनियम नाम दिया है। इस बिल पर लोकसभा में चर्चा चल रही है। नए संसद भवन में लोकसभा सत्र में जब ये बिल रखा गया तो इसे ओडिशा की सत्तारुढ़ बीजू जनता दल( बीजद) ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के प्रयासों की सफलता बताया। इसके साथ बीजद ने महिला सशक्तीकरण का दृढ़तापूर्वक समर्थन किया।

2018 में ही इस मुद्दे पर सीएम पटनायक ने अभियान शुरू किया था
बीजद ने कहा सीएम पटनायक ने 2018 में ही इस मुद्दें पर एक अभियान शुरू किया था। इतना ही ओडिशा विधानसभा ने 20 नवंबर 2018 को एक प्रस्ताव भी पारित किया था जिसमें संसद और राज्य विधानमंडल में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण की मांगी की थी। इसके संबंध में दिसंबर 2018 को सीएम पटनायक ने पीएम मोदी को एक पत्र लिखा था। इसके साथ ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर कहा था कि वे इस प्रस्ताव को विभिन्न मंचों पर उठाते रहे।
2019 के आम चुनाव में सीएम पटनायक ने की थी ये पहल
इतना ही नहीं सीएम पटनायक ने 2019 के आम चुनाव में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण लागू किया और सात महिला उम्मीदवारों को चुनाव में उतारा। जिसमें में से पांच बीजद उम्मीदवारों ने चुनाव जीता था। बीजद ने बताया दो महिला भाजपा सांसदों समेत लोकसभा में ओडिशा की महिलाओं का 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व है।
उपचुनाव में 8 में से 6 सीटों पर बीजद ने उतारे थे महिला उम्मीदवार
वहीं बीजद ने 2019 में हुआ आठ सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजद ने 6 महिला उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा था जिनमें से पांच ने जीत हासिल की थी। जिसके बाद ओडिशा विधानसभा में महिला विधायकों की कुल संख्य 18 हो गई है।
महिला आरक्षण विधेयक बीजद की जीत है
बीजद के राज्यसभा सदस्य मानस रंजन मंगराज ने कहा राज्य में महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए एक महान दिन है। उन्होंने कहा सीएम पटनायक ने 33 फीसदी महिलाओं के आरक्षण को लेकर जो अभियान शुरू किया था उनके प्रयास अब सफल हो गए हैं। सांसद मंगराज ने इसे बीजद की जीत बताया।












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