आंध्र प्रदेश: टीडीपी प्रमुख नायडू के बेटे नारा लोकेश ने फिर से टाली अपनी 'युवा गलम पदयात्रा'
आंध्र प्रदेश में टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम (एपीएसएसडीसी) घोटाले संबंधी केस में जेल की सजा काट रहे हैं। वहीं उनके बेटे और टीडीपी के राष्ट्रीय महासचिव नारा लोकेश पर भी अमरावती इनर रिंग रोड (आईआरआर) मामले में गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। आईआरआर केस में नारा लोकेश की जल्द गिरफ्तारी की अटकलें के बीच उन्होंने एक बार फिर शुक्रवार को शुरू होने वाली 'युवा गलम पदयात्रा' टाल दी है।

बता दें आंध्र प्रदेश अपराध जांच विभाग (एपीसीआईडी) द्वारा एसीबी अदालत में एक ज्ञापन दायर किया है जिसमें नारा लोकेश का नाम अमरावती इनर रिंग रोड (आईआरआर) मामले में ए14 के रूप में जोड़ा गया है। नारा लोकेश को टीडीपी के वरिष्ठ नेताओं ने सलाह दी है कि वो केस के संबंध में दिल्ली में ही रहकर कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित रखें।
लोकेश को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इसलिए ये सलाह दी है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में 3 अक्टूबर तक के लिए राज्य कौशल विकाय निगम घोटाला मामले में टीडीपी सुप्रीमों एन चंदंबाबू नायडू की याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी गई है।
बात दें नारा लोकेश ने 9 सितंबर को जब कौशल विकास केस में नायडू को अरेस्ट किया था तब उन्होंने अपनी यात्रा स्थगित कर दी थी और 14 सितंबर को दिल्ली चले गए थे। पिता को जेल से निकालने के लिए दिल्ली में रहकर नारा लोकेश कानून विशेषज्ञों के साथ परामर्श कर रहे हैं।
इसके साथ ही वहां पर नायडू के लिए समर्थन जुटाने के लिए राननीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। नारा लोकेश ने नायडू के खिलाफ वाईएसआरसी सरकार के कथित 'राजनीतिक प्रतिशोध' बताते हुए मीडिया में बयान भी दिया।
इसके अलावा बीते मंगलवार को नारा लोकेश ने टीडीपी सांसदों के साथ राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास केस में पिता नायडू की अवैध' गिरफ्तारी में हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए एक ज्ञापन सौंपा है।












Click it and Unblock the Notifications