आंध्र प्रदेश केआरएमबी को श्रीशैलम, नागार्जुन सागर परियोजना जलाशयों पर सभी आउटलेट सौंपने के लिए तैयार
कृष्णा नदी प्रबंधन बोर्ड (केआरएमबी) ने मंगलवार को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दोनों को श्रीशैलम और नागार्जुन सागर परियोजना जलाशयों पर सभी प्रत्यक्ष आउटलेट्स को गुरुवार तक प्राथमिकता के आधार पर सौंपने को कहा।
हैदराबाद, 13 अक्टूबर। कृष्णा नदी प्रबंधन बोर्ड (केआरएमबी) ने मंगलवार को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दोनों को श्रीशैलम और नागार्जुन सागर परियोजना जलाशयों पर सभी प्रत्यक्ष आउटलेट्स को गुरुवार तक प्राथमिकता के आधार पर सौंपने को कहा। बता दें कि केंद्र द्वारा जारी की गई गजट अधिसूचना के अनुसार गुरुवार से ये सभी परियोजनाएं केआरएमबी बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में होंगी। हालांकि आंध्र प्रदेश के अधिकारी इस बारे में सरकार से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद 14 अक्टूबर तक आदेश जारी करने पर सहमत हुए हैं। जबकि तेलंगाना के अधिकारियों, जिन्होंने यह तर्क दिया कि जल बंटवारे के मुद्दे के विचाराधीन होने पर अधिसूचना को लागू नहीं किया जाना चाहिए, ने कहा कि वे अपनी सरकार से परामर्श करेंगे और उसके बाद फैसला करेंगे।

केंद्र द्वारा कृष्णा और गोदावरी नदियों पर सभी जलाशयों को अधिकार क्षेत्र में लेने के लिए निर्धारित किए गए फैसले वाले दिन से दो दिन पहले केआरएमबी ने दोनों राज्यों के साथ 15वीं विशेष बोर्ड बैठक की थी, जिसमें नोटिफिकेशन के बदलाव की मांग की गई।
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मीटिंग के बाद बोर्ड ने कहा कि 'श्रीशैलम और एनएसपी के मुख्य जलाशयों से सभी प्रत्यक्ष आउटलेट, जो 15 जुलाई की राजपत्र अधिसूचना की अनुसूची 2 के तहत सूचीबद्ध हैं, को दोनों राज्य सरकारों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर 14 अक्टूबर तक केआरएमबी को सौंपना होंगा।' खबरों की मानें तो उपरोक्त सहमति पर पहुंचने से पहले केआरएमबी ने श्रीशैलम, एनएसपी, एनएसपी टेल पॉन्ड, पुलीचिंतला और राजोलीबंद डायवर्जन स्कीम (आरडीएस) पर 17 परियोजनाओं को अपने अधिकार क्षेत्र में लेने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन तेलंगाना के अधिकारी बिजली उत्पादन इकाइयों के अधिग्रहण के लिए सहमत नहीं थे। जबकि आंध्र प्रदेश ने कहा कि अगर बोर्ड ने सभी इकाइयों का अधिग्रहण नहीं किया तो वह इस प्रक्रिया का समर्थन नहीं करेगा।












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