आंध्र प्रदेश: मौसमी बीमारियों से निपटने की तैयारी, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए ये निर्देश
मानसून के मौसम की शुरुआत के साथ राज्य सरकार ने मौसमी बीमारियों से निपटने और उनके प्रभाव को कम करने के लिए आकस्मिक उपायों की एक श्रृंखला शुरू की है। इसके तहत स्वास्थ्य, चिकित्सा और परिवार कल्याण विभाग ने मत्स्य पालन विभाग को लार्वा को नियंत्रित करने और राज्य भर में मौसमी बीमारियों पर काबू पाने के लिए तालाबों में एक करोड़ गंबूसिया मछली (मॉस्किटोफिश) छोड़ने का आदेश दिया।
सीएम के निर्देश पर हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री विदादाला रजनी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में कोई मृत्यु दर दर्ज नहीं की जानी चाहिए। अगर ये उपाय लागू नहीं किए गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभागीय अधिकारियों ने राज्य भर में वाईएसआर स्वास्थ्य क्लीनिकों तक मलेरिया और डेंगू की परीक्षण सेवाओं का विस्तार किया, जो पहले पीएचसी तक सीमित थे।

कर्मचारियों को हर बुखार के बाद मलेरिया और डेंगू की जांच करने के निर्देश दिए गए। जहां मलेरिया से संक्रमित मरीज का इलाज पीएचसी में किया जाएगा, वहीं डेंगू के मरीजों को नजदीकी सरकारी अस्पताल में रेफर किया जाएगा, जहां एलिसा टेस्ट होगा। इस बीच शहरों में नियमित सफाई और सफाई अभियान चलाने के लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने एक करोड़ गम्बूसिया मछली का ऑर्डर दिया और उन्हें प्रकाशम-गुंटूर जिलों के तालाबों में छोड़ दिया और शेष जिले में यह प्रक्रिया जारी रहेगी।












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