आंध्र प्रदेश: भाजपा से दूरी बना सकती है चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी, जानिए क्‍यों?

आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम मामले में एन चंद्रबाबू नायडू (N Chandrababu Naidu) की गिरफ्तारी पर भारतीय जनता पार्टी के रवैये से तेलुगु देशम पार्टी (TDP) नाराज हो चुकी है। नायडू की गिरफ्तारी पर भाजपा शीर्ष नेतृत्‍व द्वारा प्रतिक्रिया नहीं आई, जिसके चलते टीडीपी ने आने वाले चुनाव में भी भाजपा से दूरी बना सकती है।

नायडू की गिरफ्तारी के बाद भाजपा नेतृत्व के दृष्टिकोण से टीडीपी असंतुष्ट है, इस बात के संकेत टीडीपी एपी अध्यक्ष के अत्चन्नायडू ने मीडिया से बात करते हुए दी थी। टीडीपी अध्‍यक्ष ने कहा भगवान ही जानता है कि नायडू की गिरफ्तारी भाजपा की जानकारी के साथ की गई थी या उनकी जानकारी बिना।

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बता दें नायडू की गिरफ्तारी के बाद आंध्र प्रदेश भाजपा अध्‍यक्ष दग्गुबाती पुरंदेश्वरी और तेलंगाना के सांसद के लक्ष्मण और बंदी संजय ने नायडू की गिरफ्तारी की निंदा की, लेकिन नायडू की गिरफ्तारी को तरीके तक ही सीमित रखा। भाजपा अध्‍यक्ष ने कौशल विकास घोटाले की जांच के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया था।

वहीं टीडीपी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी आगामी चुनावों तक नायडू को जेल में रखने की योजना बना रहे हैं और उसे लग रहा है कि 6 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिए जगन की दिल्ली की निर्धारित यात्रा के पीछे यही कारण हो सकता है।

बता दें टीडीपी 2018 में भाजपा से अलग हो गई थी और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए से बाहर हो गई थी। चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीएमसी ने 2019 का चुनाव बिना किसी गठबंधन के अपने दम पर लड़ा और हार का सामना करना पड़ा था।

चुनाव में मिली जबरदस्‍त हार के बाद टीडीपी ने अपना रुख नरम कर लिया और कई मुद्दों पर संसद के अंदर और बाहर केंद्र का समर्थन करना शुरू कर दिया। नायडू ने भी मोदी द्वारा लिए गए फैसलों की सराहना की और स्पष्ट किया कि उन्हें विशेष राज्य के दर्जे के मुद्दे पर एनडीए से बाहर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा और केंद्र के साथ उनका कोई अन्य मतभेद नहीं है।

जिससे संकेत मिले कि नायडू की पार्टी एनडीए में फिर से शामिल हो सकती है लेकिन नायडू की गिरफ्तारी के रवैये से टीडीपी भाजपा से नाराज हो चुकी है। इतना ही नहीं कौशल विकास घोटाले में नायडू के 25 दिनों से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद, समझा जाता है कि टीडीपी के कुछ नेताओं को पूर्व मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी के पीछे भाजपा का हाथ होने का संदेह है।

बता दें आंध्र प्रदेश में जन सेना पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन में है, उसने नायडू की गिरफ्तारी के बाद टीडीपी के साथ गठबंधन करने और आगामी चुनाव साथ लड़ने का ऐलान किया है। टीडीपी के सहयोग से जन सेना पार्टी आगामी चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है हालांकि टीडीपी ने कहा है कि वाम दलों के साथ गठबंधन का फैसला नायडू द्वारा ही किया जाएगा।

वहीं जन सेना पार्टी के प्रमुख एक्‍टर पवन कल्याण के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेताओं ने कहा था कि चुनावी गठबंधन पर कोई भी निर्णय पार्टी केंद्रीय नेतृत्व द्वारा तय किया जाएगा। लेकिन अगर टीडीपी भाजपा से दूरी बनाती है तो इसका असर आंध्र प्रदेश में भाजपा और जन सेना पार्टी के गठबंधन पर भी पड़ेगा और भाजपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

टीडीपी के एक वरिष्ठ नेता ने मीडिया में बयान दिया कि "हमारे कुछ नेताओं की राय है कि पार्टी के लिए जन सेना के साथ चुनाव में जाना बेहतर है क्योंकि बीजेपी के साथ किसी भी तरह का गठबंधन हमारी चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय केंद्रीय एजेंसियों से बचने के अलावा, भाजपा के साथ गठबंधन, जिसका राज्य में कोई वोट शेयर नहीं है, का चुनाव के नतीजों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके अलावा, अगर भाजपा के साथ कोई गठबंधन होता है, तो अल्पसंख्यक टीडीपी से दूरी बना लेंगे।

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