263 दिनों में 239 साइबर अपराधी गिरफ्तार, जागरुकता भी एक बड़ी वजह
रांची,17 अक्टूबर- झारखंड में जामताड़ा के साइबर अपराधियों ने देश के कई राज्यों में ठगी का जाल बिछा रखा है। झारखंड पुलिस साइबर अपराधियों पर लगाम लगान के लिए लगातार अभियान चला रही है। देश में बढ़ते अलग- अलग तरह के साइबर फ्
रांची,17 अक्टूबर- झारखंड में जामताड़ा के साइबर अपराधियों ने देश के कई राज्यों में ठगी का जाल बिछा रखा है। झारखंड पुलिस साइबर अपराधियों पर लगाम लगान के लिए लगातार अभियान चला रही है। देश में बढ़ते अलग- अलग तरह के साइबर फ्रॉड के बीच देवघर पुलिस के आंकड़े बड़ी राहत देते हैं। देवघर पुलिस ने जानकारी दी है कि इस साल 20 सितंबर तक 263 दिनों में 239 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है.

साइबर थाना में 69 कांड दर्ज किये गये हैं. इन अपराधियों के पास से पुलिस ने 389 मोबाइल, 750 सिम कार्ड, 99 एटीएम कार्ड, तीन पासबुक, पांच लैपटॉप, नौ दोपहिया वाहन, 03 चारपहिया वाहनों के साथ नकद 3,90,000 रुपयों के अलावा एक नोट गिनने की मशीन भी बरामद की है, एक पैन कार्ड, चार- इग्लू टैंट व एक अमेरिकन डॉलर भी इनके पास से मिले हैं। पुलिस भी अब तकनीक का बेहतर इस्तेमाल कर ही है। पुलिस ने साइबर अपराधियों का मोबाइल जब्त कर सिम की जांच के लिए इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर भेजा था जहां उनकी एनालाइसिस क्राइम लिंक पता की गयी थी। देवघर पुलिस ने संबंधित राज्य के पुलिस महानिदेशक को पत्राचार कर उनके यहां दर्ज कांड में रिमांड करवाने की दिशा में पहल की।
अब तक कुल 48 साइबर अपराधियों को विभिन्न राज्यों की पुलिस रिमांड पर ले गयी है. इसी बीच थाना की पुलिस साइबर अपराध से जुड़े 39 कांडों का निष्पादन अगस्त माह में कर दिया गया है। साइबर ठगी को लेकर आज देश में ज्यादातर लोग जागरुक हैं। ऑनलाइन बैकिंग और पेमेंट ऐप के इस्तेमाल से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए यह विस्तार से बताया जा रहा है। भारत सरकार के साथ- साथ संबंधित कंपनियां, बैंक भी इस तरह के जागरुकता अभियान चला रहे हैं। इन सबके बावजूद भी साइबर अपराधी कोई नया तरीका खोजते हैं जिसमें वह ठगी करने में सफल रहें। सभी सेवा प्रदाताओं, बैंक नोडल, इ-वॉलेट, डिजिटल वॉलेट के नोडल पदाधिकारी के साथ समय-समय संपर्क कर कानूनी तौर पर कार्रवाई की जा रही है। इन कदमों ने साइबर अपराधियों का मनोबल तोड़ दिया है। कई बड़े शहरों में हुए साइबर फ्रॉड के मामले के तार जामताड़ा इलाके से जुड़े हैं. कई साइबर अपराधियों को भी पुलिस देवघर से रिमांड पर ले गयी है. इस वजह से साइबर अपराधियों पर इसका प्रभाव पड़ता दिख रहा है।












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