Yogini Ekadashi 2022: योगिनी एकादशी आज, जानिए पूजा विधि और कथा
नई दिल्ली, 24 जून। आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है और वो शुभ दिन आज है।शास्त्रों में इस एकादशी का महत्व बताते हुए कहा गया है कि इसे करने से अनजाने में किए गए समस्त पापों का नाश होता है और पीपल के वृक्ष को काटने जैसे भयंकर पाप से भी मुक्ति मिलती है। इस व्रत में ब्राह्मणों और जरूरतमंद लोगों को दान देने का बड़ा महत्व होता है। इस एकादशी में भगवान नारायण को गंगाजल से स्नान करवाकर, पीत पुष्पों से आकर्षक श्रृंगार किया जाता है। भोग लगाकर व्रत की कथा सुनी जाती है।
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इस बार योगिनी दशा 23 जून को रात्रि 9.41 पर प्रारंभ होकर 24 जून को रात्रि 11.13 तक रहेगी। इस दिन अश्विनी नक्षत्र, सुकृति योग रहेगा। साथ ही प्रात: 5.47 से 8.04 तक सर्वार्थसिद्धि योग भी रहेगा। इस दिन शुक्रवार होने से लक्ष्मी की उपासना के लिए भी यह एकादशी विशेष महत्व रखती है।
योगिनी एकादशी कथा
प्राचीनकाल में कुबेर के यहां हेम नाम का एक माली था। वह प्रतिदिन कुबेर के लिए भगवान शंकर की पूजा के लिए मानसरोवर से फूल लाता था। एक दिन वह अपनी स्त्री के साथ कामोन्मत होकर विहार कर रहा था। इसलिए उसे फूल लाने में देरी हो गई। इस पर कुबेर को क्रोध आ गया और उन्होंने माली को कोढ़ी हो जाने का श्राप दे दिया। कुबेर के श्राप से हेम कोढ़ी हो गया। इस रूप में वह घूमता हुआ मार्कण्डेय ऋषि के आश्रम में जा पहुंचा। मार्कण्डेय ऋषि ने उसे पाप से मुक्ति के लिए योगिनी एकादशी व्रत करने का उपदेश दिया। व्रत के प्रभाव से हेम स्वस्थ हो गया।
एकादशी कब से कब तक
- एकादशी प्रारंभ 23 जून रात्रि 9.41 से
- एकादशी पूर्ण 24 जून रात्रि 11.13 तक
- व्रत का पारण 25 जून प्रात: 5.44 से प्रात: 8.26 तक












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