Delhi LPG Price: क्या 1 मई से फिर महंगी होगी रसोई गैस? आज दिल्ली में कितनी है LPG सिलेडर की नई कीमत
Delhi LPG Price: ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला कर रख दिया है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच भारत में 1 मई से एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में नए बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यालय द्वारा जारी हालिया आंकड़ों और मीडिया रिपोर्ट्स ने दिल्ली के उपभोक्ताओं के बीच चिंता और चर्चा दोनों बढ़ा दी है। आइए जानते हैं 29 अप्रैल को दिल्ली में LPG गैस सिलेंडर की किमत कितनी है...

LPG Price Hike Delhi: दिल्ली में गैस की खपत: 'सप्लाई ज्यादा, डिमांड कम'
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा 13 अप्रैल को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, दिल्ली में वर्तमान में वाणिज्यिक (Commercial) एलपीजी की आपूर्ति मांग से अधिक है।
दिल्ली में रोजाना 6,480 वाणिज्यिक सिलेंडर (19 किलोग्राम वाले) का आवंटन किया जा रहा है, जबकि पिछले सप्ताह का औसत उठाव (Offtake) मात्र 4,268 सिलेंडर रहा। युद्ध छिड़ने से पहले दिल्ली में रोजाना लगभग 9,000 वाणिज्यिक सिलेंडरों की बिक्री होती थी। विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में वृद्धि और बाजार में अनिश्चितता के कारण मांग में गिरावट आई है।
LPG Price Hike May:1 मई से क्या बदल सकता है?
सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेल कंपनियां 1 मई को एलपीजी दरों की समीक्षा कर सकती हैं। इस बार केवल कीमतों में ही नहीं, बल्कि बुकिंग और डिलीवरी सिस्टम में भी कुछ बड़े बदलाव (Tweaks) देखने को मिल सकते हैं। सरकार रसोई गैस के उपयोग और वितरण पर और अधिक कड़े नियंत्रण (Tighter Checks) लागू करने पर विचार कर रही है, जिसके लिए नए नियमों पर चर्चा जारी है।
युद्ध के बाद अब तक कितनी बढ़ी कीमतें?
28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से ईंधन की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। 29 अप्रैल तक के आंकड़ों के अनुसार:
घरेलू एलपीजी (14.2 kg): मार्च में इसकी कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी की गई थी। तब से अब तक दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
वाणिज्यिक एलपीजी (19 kg): इसकी कीमतों में दो बार बड़ी वृद्धि हुई है। मार्च में ₹144 और 1 अप्रैल को फिर से लगभग ₹200 की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
पेट्रोल-डीजल पर तेल कंपनियों का 'कवच'
दिलचस्प बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कीमतों के प्रभाव को खुद झेल रही हैं (Absorb कर रही हैं), ताकि आम जनता पर बोझ न पड़े। हालांकि, एलपीजी के मामले में यह राहत मिलने के आसार कम नजर आ रहे हैं।












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