'चरण स्पर्श' केवल एक परंपरा या संस्कार नहीं बल्कि इसमें छिपा है अनोखा राज
नई दिल्ली। हमारे देश में बड़ों और गुरूजनों के पैर छूने की परंपरा लंबे वक्त से चली आ रही है, सदियों से बच्चों को पैर छूना सिखाया जाता रहा है, लोग इसे संस्कार से जोड़ते हैं लेकिन आपको जानकर हैरत होगी कि संस्कार की मानक बनी इस प्रथा के कई चमत्कारी फायदे होते हैं, जिन्हें वैज्ञानिक भी सही मानते हैं। पैर छूने का महत्व भले ही आज की फेसबुक और व्हाटसअप वाली पीढ़ी ना समझें और इसे एक पिछड़ी हुई परंपरा मानती हो लेकिन इस एक प्रथा के फायदे अनेक है, जो इंसान को सामाजिक और मानसिक फायदा दोनों पहुंचाते हैं।

फायदे..
- विज्ञान के मुताबिक पैर छूने से हमारे चारों के आभामंडल पर असर पड़ता है, पैर छूने के तरीके इंसान का यही आभामंडल प्रभावित होता है, जो कि व्यक्ति की ऊर्जा, सोच और मानिसक शक्ति पर असर डालता है।
- पैर छूने से इंसान के अंदर नम्रता का संचार होता है, वो शांत बनता है और क्रोध का विनाश होता है।
- पैर छूने के कारण इंसान के अंदर मनोवैज्ञानिक असर होता है।
- ये इंसान की निगेटिव एनर्जी का सर्वनाश करता है।
- बड़े लोगों के दिए हुए आशीर्वाद इंसान के सौभाग्य का सूचक है।
- जब आप झुककर किसी का पैर छूते हैं तो पैर छूने वाले हाथ आपके सिर पर होता है, तब उसकी खुशी और सकारात्मक सोच दोनों का संचार आपके अंदर होता है।
- चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेने से आपके शारीर में धनात्मक उर्जा का प्रवाह होने लगता है।
- पैरों से हाथों द्वारा इस ऊर्जा के ग्रहण करने को ही हम 'चरण स्पर्श' कहते हैं।












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