Vinayak Chaturthi 2021: विनायक चतुर्थी के बारे में जानिए ये खास बातें
नई दिल्ली, 12 जुलाई। अषाढ़ माह की 'विनायक चतुर्थी' 13 जुलाई को है, बता दें कि एक महीने में दो बार विनायक चतुर्थी आती है। कहा जाता है कि इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से सारे कष्टों का निवारण हो जाता है और उसे धन-वैभव और सुख की प्राप्ति होती है। गणेश भगवान बेहद मोहिल, बुद्दिमान और ऊर्जवान माने जाते हैं और इसी वजह से इनकी पूजा करने वालों को भी ये गुण हासिल होते हैं।

विनायक चतुर्थी पूजा-विधि (Pujan Vidhi)
- सुबह सबसे पहले स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए।
- इस बाद भगवान गणेश की पूजा फूल, फल, मिठाई, दूध और मोदक से करनी चाहिए।
- पूजा के दौरान 'ॐ सिद्ध बुद्धि सहित महागणपति आपको नमस्कार है' करते हुए पूजा शुरू करनी चाहिए।
- व्रतियों को शाम के समय चतुर्थी व्रत कथा सुननी चाहिए।
- रात के समय चंद्रोदय होने पर गणेश का पूजन करें।
- फिर गणेश की आरती करें और क्षमायाचना के बाद पूजा समाप्त करें।
- उसके बाद चांद को अर्ध्य दें और इसके बाद अपना व्रत खोलें।
विनायक चतुर्थी पर इन मंत्रों से कीजिए पूजा
- वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
- ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।।
- ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरू गणेश।
- ग्लौम गणपति, ऋदि्ध पति, सिदि्ध पति। मेरे कर दूर क्लेश।।
- ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा।
- ॐ वक्रतुंडाय हुम् ॐ हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा।

विनायक चतुर्थी का महत्व (Importance)
- सुख-सौभाग्य में वृद्धि के लिए ये व्रत काफी फलदायी है।
- भगवान श्री गणेश की कृपा से सिद्धि-बुद्धि, ज्ञान-विवेक की प्राप्ति होती है।
- व्रत के प्रभाव से इंसान धनी बनता है, वो तरक्की करता है।
- व्रत करने से इंसान को संतान की प्राप्ति होती है।












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