Vaishakh Purnima 2025: आज जरूर करें इस चीज का दान, अकाल मृत्यु से बचा रहेगा परिवार
Vaishakh Purnima 2025: आज पूरे देश में वैशाख मास की पूर्णिमा मनाई जा रही है, इस पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह पूर्णिमा चंद्र, सूर्य, शिव, विष्णु को प्रसन्न करने की तो होती ही है, शास्त्रों में कहा गया है, यह पूर्णिमा यमराज को भी प्रिय है और वे इस दिन पृथ्वी वासियों को अकाल मृत्यु से बचने का आशीर्वाद देते हैं, लेकिन उसके लिए उन्हें प्रसन्न करने का विशेष उपाय करना चाहिए।
गरुड़ पुराण में वैशाख पूर्णिमा के बारे में कहा गया है कि इस दिन जो मनुष्य यमराज को प्रसन्न करता है, उसके और उसके परिवार में किसी की अकाल मृत्यु कभी नहीं होती। इसके लिए उपाय बताया गया है जलकुंभ के दान का।

कैसे करें जलकुंभ का दान
वैशाख पूर्णिमा के दिन स्नानादि ने निवृत्त होकर साफ-स्वच्छ वस्त्र पहनकर एक मिट्टी का घड़ा लेकर आएं। इस नए घड़े को जल से भरें, इस पर कुमकुम से स्वस्तिक बनाएं और इस पर मौली बांधें। घड़े के मुंह पर मिट्टी का ही ढक्कन रखें। इस पर दक्षिणा रखें।
यह घड़ा किसी सुयोग्य ब्राह्मण को दान में दें
इसके बाद यमराज से प्रसन्न होने की प्रार्थना करें और यह भी प्रार्थना करें कि वे सर्वत्र हमारे परिवार की रक्षा करें, परिवार में किसी की अकाल मृत्यु न हो। इस प्रकार प्रार्थना करके यह घड़ा किसी सुयोग्य ब्राह्मण को दान में दें। ब्राह्मण न मिले तो शिव मंदिर में इस घड़े का दान करना चाहिए।
क्या होगा जलकुंभ दान से
- वैशाख पूर्णिमा के दिन जलकुंभ का दान करने से यमराज की पीड़ा से मुक्ति मिलती है और परिवार में किसी की अकाल मृत्यु नहीं होती।
- जलकुंभ का दान करने से वाहन दुर्घटना, आगजनी, गंभीर रोग आदि से परिवार से किसी सदस्य की मृत्यु कभी नहीं होती।
- जलकुंभ का दान करने वाले मनुष्य के पितृ दोषों का शमन होता है और पितृ प्रसन्न होकर परिजनों को दीर्घायु होने का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
- वैशाखी पूर्णिमा के दिन जलकुंभ के साथ सफेद वस्त्र किसी ब्राह्मण को दान में देने से पितृ भी प्रसन्न होते हैं और परिवारजन को अच्छे आशीर्वाद देते हैं।
- जिन लोगों की कुंडली में ग्रह दोष परेशान कर रहे हों, उन्हें जलकुंभ का दान पूर्णिमा के दिन अवश्य करना चाहिए।
- जलकुंभ का दान करने के साथ ही इस दिन प्यासों को पानी पिलाना चाहिए। पशु-पक्षियों के लिए भी पीने के पानी का प्रबंध करना चाहिए। इससे भी यम की पीड़ा नहीं मिलती।
- वैशाख पूर्णिमा के दिन जलकुंभ के साथ फलों का दान करने से अनेक ग्रहों के दोषों से मुक्ति मिलती है।












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