Vaishakh Purnima 2023: स्वाति नक्षत्र में होगा वैशाख पूर्णिमा का व्रत, जानिए महत्व
Vaishakh Purnima 2023: वैशाख पूर्णिमा के दिन एक मास से चल रहे वैशाख स्नान का समापन भी होगा, शुक्रवार का संयोग बरसाएगा लक्ष्मी।

Vaishakh Purnima 2023: विक्रम संवत 2080 की वैशाख पूर्णिमा 5 मई 2023 को आ रही है। इस बार वैशाखी पूर्णिमा पर अनेक शुभ योग बने हैं। इस दिन सुख-शांति देने वाला स्वाति नक्षत्र, सर्वकार्य सिद्ध बनाने वाला सिद्धि योग, मां लक्ष्मी का दिन शुक्रवार और शुक्र की राशि तुला में चंद्रमा का स्थित होना धन प्रदायक योग बना रहा है। इस दिन व्रत-पूजन और कुछ विशेष उपाय करने से धन का आगमन अच्छा होगा। इस दिन यम की प्रसन्नता के लिए जलकुंभ का दान भी किया जाता है। इस दिन चंद्र ग्रहण होने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है।
वैशाख पूर्णिमा पर स्वाति नक्षत्र सूर्योदय पूर्व से रात्रि 9:38 बजे तक रहेगा। सिद्धि योग प्रात: 9:15 बजे तक रहेगा। इन योगों में मां लक्ष्मी का पूजन अवश्य करना चाहिए। वैशाख पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों के जल में स्नान करने का बड़ा महत्व है। इस दिन गंगा, नर्मदा समेत अनेक पवित्र नदियों में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटेगी। तीर्थ स्थानों पर मेले लगेंगे। दान-पुण्य किया जाएगा। शास्त्रों का कथन है कि जो लोग वैशाख स्नान नहीं कर पाए उन्हें मास के अंतिम दिन अर्थात् पूर्णिमा के दिन स्नानादि करके इसका पुण्य फल प्राप्त कर लेना चाहिए। इसी दिन भगवान बुद्ध का जन्म भी हुआ था इसलिए इसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन कूर्म जयंती भी मनाई जाती है।
यम का पाश काटता है जलकुंभ का दान
वैशाख पूर्णिमा के दिन जल से भरे हुए कुंभ अर्थात् मटके का दान करने यम का पाश कट जाता है। यमराज की प्रसन्नता के लिए यह दान बड़ा फलदायी होता है। इससे मनुष्य के संपूर्ण परिवार की अकाल मृत्यु, आकस्मिक घटना-दुर्घटना से सुरक्षा होती है। परिवार में कोई व्यक्ति अत्यंत बीमार है, मरणासन्न स्थिति में है तो उसकी रक्षा के निमित्त उसके हाथ से जलकुंभ का दान अवश्य करना चाहिए।
वैशाख स्नान समाप्ति पर क्या करें
वैशाख पूर्णिमा के दिन वैशाख स्नान का समापन हो जाएगा। जिन लोगों ने संकल्प लेकर वैशाख स्नान किया है वे आज पवित्र नदियों के जल से स्नान करें। दान पुण्य करें। पंडित से वैशाख स्नान के समापन का पूजन करवाएं। ब्राह्मणों को भोजन करवाएं, उन्हें उचित दान-दक्षिणा, वस्त्रादि भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त करें।
ये विशेष उपाय करेंगे हर इच्छा पूरी
- जिन लोगों को कोई मानसिक रोग है, मानसिक तनाव महसूस कर रहे हैं, वे इस दिन रात्रि में चांदी के बर्तन में साफ पानी में थोड़ा सा गंगाजल डालकर रातभर चांद की चांदनी में रखें। फिर इस जल को चांदी के ही किसी बर्तन में भरकर रख लें। इस जल का थोड़ा-थोड़ा सेवन रोज करने से मानसिक रोग ठीक हो जाते हैं। इस प्रयोग से तनावमुक्ति भी होती है।
- मिश्री और मखाने डालकर खीर बनाएं और इसे 12 वर्ष तक की सात कन्याओं के पैर पूजन कर उन्हें खिलाएं। इससे आर्थिक संपन्नता बनी रहती है।
- पूर्णिमा के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर घर में साफ-सफाई करें। स्वयं स्नान करने के बाद घर में गंगाजल और गोमूत्र का छिड़काव करें। घर के मुख्य द्वार पर हल्दी, रोली या कुमकुम से स्वस्तिक बनाएं। इस पर चावल की छोटी सी ढेरी लगाकर उस पर पूजा की सुपारी रखकर पूजन करें। इससे घर में सुख संपन्नता आती है।












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