Vaikuntha Ekadashi 2023: वैकुंठ एकादशी पर खोला गया मदुरै में तल्लाकुलम पेरुमल मंदिर का परमपद वासल
Vaikuntha Ekadashi 2023: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का खास महत्व बताया गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह में दो एकादशी व्रत आते हैं।

Vaikuntha Ekadashi 2023: वैकुंठ एकादशी पर आज सोमवार 2 जनवरी को तमिलनाडु के मदुरै में तल्लाकुलम के पेरुमल मंदिर में परमपद वासल (स्वर्ग का सातवां द्वार) खोल दिया गया है। हालांकि अभी तक ये जानकारी नहीं दी गई है कि इस अवसर पर आम लोगों को मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति है या नहीं। वैकुंठ एकादशी प्रतिवर्ष हिंदू कैलेंडर के शुक्ल पक्ष या मार्गाजी महीने के ग्यारहवें चंद्र दिवस पर मनाई जाती है। भगवान विष्णु के भक्तों के लिए ये दिन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु का स्वर्गिक निवास वैकुंठ का द्वार खुला रहता है। इसलिए इसे वैकुंठ एकादशी कहा जाता है।
तमिल वाले को इसे वैकुंठ एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस साल उत्सव शुरू होते ही भक्त वैकुंठ एकादशी व्रतम का पालन करते हैं और भगवान विष्णु की पूजा अराधना करते हैं। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का खास महत्व बताया गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह में दो एकादशी व्रत आते हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह में दो एकादशी व्रत आते हैं। हिंदू पंचांग के मुताबिक पुत्रदा एकादशी ही एकमात्र ऐसा एकादशी व्रत, जो साल में सिर्फ दो बार आता है। साल के पहले पुत्रदा एकादशी का व्रत पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। वहीं साल के दूसरे पुत्रदा एकादशी सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को होता है।
इसल साल पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत आज 2 जनवरी को है। धार्मिक मान्यता है कि पौष पुत्रदा एकादशी व्रत करने यज्ञ के बराबर पुण्य मिलता है। कहा जाता है कि जिन लोगों की संतान नहीं है, उन लोगों को यह व्रत करना चाहिए। 2 जनवरी यानी आज पौष पुत्रदा एकादशी का पूरे दिन शुभ मुहूर्त है। पारण 3 जनवरी को 07:14 सुबह से 09:19 सुबह के बीच करना है।












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