मुंबई की जमीन पर उत्तराखंड की लोक कलाएं
मुंबई। नवी मुंबई के नेरुल स्थित रामलीला मैदान में आज कल उत्तराखंड की संस्कृति अपनी छटा बिखेर चुकी है। यहां पर चल रहे उत्तराखंड महोत्सव 'कौथिग' में एक से एक बेहतरीन लोककलाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। यह मेला 23 जनवरी को शुरू हुआ था और आज इसका समापन समारोह है।
महोत्सव का उदघाटन उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री श्री हरक सिंह रावत और अभिनेता हेमंत पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर उतराखंडी साहित्यकार नन्द किशोर नौटियाल और अविरल शंख वादक राम जन्म योगी (जो कि लगातार आधे घंटे तक शंख बजाते है) भी मौजूद थे। इस महोत्सव में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा की अगले वर्ष तक यहाँ उतराखंड भवन और उतराखंड कमुनिटी सेंटर का निर्माण किया जायेगा, जिसमे उतराखंड के सांस्कृतिक कार्यक्रमो का आयोजन किया जाएगा।

महोत्सव में उतराखंड के विशिष्ठ खान-पान के साथ-साथ वहां का लोक गीत व संगीत तो होगा ही इसके अलावा स्वास्थ्य शिविर, रोजगार पंजीकरण और विवाह योग्य युवक-युवतियों का पंजीकरण भी हुआ। उत्तराखंड के सांस्कृतिक लोक संगीत व नृत्य का प्रदर्शन हुआ। प्रसिद्ध उत्तराखंडी गायिका कल्पना चौहान ने अपने दल के साथ मनोहारी संगीतमय प्रस्तुति की और फिर इसके बाद विलुप्त होती परम्परा "बादी'' की अनोखी प्रस्तुति भी हुई। जिसे देखकर उपस्थित सभी दर्शक मन्त्र मुग्ध हो गए।
पिछले 5 सालों से सफलता पूर्वक चल रहे इस महोत्सव में उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध 100 कलाकारों द्वारा कमलव्यूह, पाण्डव नृत्य, नंदा देवी जैसी नाटिका के साथ-साथ लोक नृत्य व लोकसंगीत का प्रदर्शन किया गया। इस उत्सव में 40 से अधिक स्टाल लगाये गये। कौथिग महोत्सव का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी परम्परा व संस्कृति से परिचित कराना और उत्तराखंडी समाज को एकता के सूत्र में बांधना है।












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