आज है सोमवार और आज ही है सूर्य ग्रहण, जानिए शिव से संबंध
नई दिल्ली। आज साल 2017 का दूसरा सूर्य ग्रहण लग रहा है और आज सोमवार भी है इसलिए धर्म के लिहाज से भी ये ग्रहण काफी खास है। काशी के पंडित दिवाकर शास्त्री के मुताबिक सोमवार भगवान शिव का दिन होता है और सूर्य देव उन्हीं के रूप कहे जाते हैं इसलिए ये ग्रहण महत्वपूर्ण है।
ग्रहण के दौरान और ग्रहण के पहले सूतक तक कोई भी शुभ काम नहीं होता है इसलिए जातकों को हम केवल यहीं कहेंगे, 21 अगस्त का पूरा दिन आप शिव और सूर्य की पूजा में लगाए, इससे आपको आर्थिक लाभ और मानसिक सुख हासिल होगा।

क्या है 'सूर्य'?
धार्मिक ग्रंथों में 'सूर्य' का वर्णन सर्वशक्तिशाली, मोहक और तीव्र बुद्धि वाले देवता के रूप में हुआ है। इसलिए अगर इंसान को शक्ति या बुद्दि चाहिए होती है तो उसे पंडित और ज्योतिष 'सूर्य' भगवान की उपासना करने और 'सूर्य' को अर्घ्य देने करने की सलाह देते हैं।

भारत में 'सूर्य' मंदिरों का निर्माण हुआ
वैदिक काल में 'सूर्य' की उपासना के लिए मंत्रों का प्रयोग होता था लेकिन उसके बाद मूर्ति पूजा आरंभ हुई जिसके बाद ही भारत में 'सूर्य' मंदिरों का निर्माण हुआ। इसलिए वैदिक साहित्य में 'सूर्य' के बारे में सबसे ज्यादा पढ़ने को मिलता है।

सूर्य और शिव
सोमवार को शिव का दिन मानते हैं और शिवपुराण में सूर्यदेव को शिव का ही रूप बताया गया है, लिखा गया है कि -
‘दिवाकरो महेशस्यमूर्ति दीप्तमण्डल:' यानी भगवान सूर्य महेश्वर की मूर्ति है, उनका आभामण्डल तेजोमयी है।
इसलिए इस ग्रहण पर आप दोनों की पूजा कीजिए।

सारे उपवास और पूजा 'सूर्य' की चाल से
'सूर्य' को नियमित जल देने से प्रतिष्ठा, सरकारी पद, समाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। हिंदुओं के सारे नियम 'सूर्य'से निर्धारित होते हैं, सारे उपवास और पूजा 'सूर्य' की चाल और चक्र के मुताबिक होते हैं।

सूर्यग्रहण
जब चन्द्रमा, पृथ्वी और सूर्य के मध्य से होकर गुजरता है तो उसे सूर्यग्रहण कहते हैं। आपको बता दें कि पूरे 99 साल के बाद ऐसा अवसर आएगा जब अमेरिकी महाद्वीप में पूर्ण सूर्यग्रहण दिखाई देगा।












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