Maa Chandraghanta: नवरात्रि की तृतीया पर मां चंद्रघंटा का पूजन रोगों को करता है दूर
Maa Chandraghanta: आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन मां चंद्रघंटा का पूजन किया जाता है। यह पूजन 5 अक्टूबर 2024 शनिवार को किया जाएगा।
क्या आप जानते हैं मां चंद्रघंटा का पूजन रोगों को नष्ट करता है और पूजन करने वाले को शारीरिक स्वास्थ्य का लाभ देता है।

इस दिन देवी को प्रसन्न करने के लिए अनेक उपाय किए जाते हैं जिनमें से कुछ आपको यहां बताए जा रहे हैं। ये सारे उपाय किसी न किसी देवी ग्रंथ से लिए गए हैं इसलिए प्रामाणिक हैं।
- शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन देवी चंद्रघंटा का पूजन किया जाता है। चंद्रघंटा को इस दिन मीठा पान भेंट करने से परिवार के सदस्यों को स्वस्थता प्राप्त होती है।
- परिवार में यदि कोई बच्चा बीमार है और उसका रोग ठीक नहीं हो पा रहा है तो इस दिन बच्चे के वजन के बराबर गुड़ को तौलकर देवी के मंदिर में भेंट करने से बालक जल्द स्वस्थ हो जाएगा।
- यदि परिवार में किसी को गंभीर रोग है तो देवी चंद्रघंटा का मंत्र 108 बार जल पर पढ़कर वो जल रोगी को पिला देने से रोग शीघ्र ठीक होने लगता है।
- एक लाल कपड़े में पांच हल्दी की गांठ, थोड़ा सा गुड़, एक तांबे का सिक्का और पांच-पांच लौंग इलायची रखकर इसे देवी चंद्रघंटा का ध्यान करके रोगी के सिरहाने रख दें। दूसरे दिन प्रात: बिना किसी से कुछ कहे इस पोटली को किसी कुएं, बावड़ी या नदी में फेंक आए, रोगी का रोग जल्द ही दूर होने लगेगा।
- गूलर की जड़ को नवरात्रि की तृतीया के दिन लाकर कच्चे दूध और गंगाजल से शुद्ध करके पूजन करके लाल कपड़े में बांधकर अपने घर के पूजा स्थान में रखने से परिवार के सभी सदस्य निरोगी रहते हैं।
- सफेद आंकड़े की जड़, पुष्प, तना और पत्ती को लेकर इन्हें शिवजी को अर्पित करें और फिर इन्हें सफेद कपड़े में बांधकर रोगी के पास रख देने से कैंसर जैसा रोग भी दूर होने लगता है।












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