Shani Pradosh Vrat 2024: कब है शनि प्रदोष व्रत? क्या है इसका महत्व?
Shani Pradosh Vrat 2024 Date: शनि की साढ़ेसाती और कल्याणी ढैया अक्सर लोगों के लिए परेशानी पैदा करते हैं। शनि की साढ़ेसाती में लोगों को आर्थिक तंगी, धन हानि, शारीरिक हानि, कष्ट, चोट दुर्घटना आदि का सामना करना पड़ता है, जीवन में भटकाव बहुत रहता है।

वर्तमान में शनि का गोचर कुंभ राशि पर चल रहा है इसलिए मकर पर साढ़ेसाती का अंतिम ढैया, कुंभ पर दूसरा ढैया और मीन राशि पर पहला ढैया चल रहा है। कर्क और वृश्चिक राशि पर लघु कल्याणी ढैया चल रहा है।
शनि की पीड़ा से मुक्ति स्वयं शनि, भगवान शिव और हनुमानजी दिला सकते हैं। इसलिए शनि प्रदोष के दिन शिवजी का विधिवत पूजन अभिषेक और व्रत करने से शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलती है। शनि प्रदोष का शुभ संयोग 6 अप्रैल 2024 शनिवार के दिन बना है। इस दिन शतभिषा नक्षत्र और शुक्ल योग बना हुआ है।
साढ़ेसाती की पड़ा से कैसे पाएं मुक्ति
- शनि की साढ़ेसाती परेशान कर रही है तो शनि प्रदोष के दिन प्रात: प्रदोष व्रत का संकल्प लेकर शिवजी का पूजन करें और दिनभर निराहार रहें।
- सायंकाल प्रदोष काल में शिवजी का अभिषेक करें, पूजन करें, नैवेद्य लगाएं, प्रदोष व्रत की कथा सुनें और आरती कर प्रसाद ग्रहण करें। इस दिन प्रदोष काल सायं 6:44 से 7:53 तक रहेगा।
- इस समय के मध्य में पूजन करें।शनि प्रदोष के दिन शिवजी का अभिषेक तिल मिश्रित दूध से करने से शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलती है।
- शनि प्रदोष के दिन किसी शनि मंदिर में जाएं और मंदिर में दर्शन करने के बाद मंदिर के बाहर बैठे भिखारियों को इमरती खिलाएं। इससे शनिदेव प्रसन्न होंगे।
- मकर, कुंभ और मीन राशि के जातक शनि प्रदोष के दिन शनिदेव का श्रृंगार नीले पुष्पों से करें और दशरथकृत शनि स्तोत्र का पाठ करें। इससे शनि की पीड़ा शांत होगी।
- जिन लोगों की कुंडली में शनि वक्री, अस्त या नीच राशि में बैठा हुआ है उन्हें भी कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। ऐसे लोगों को सवा मीटर काले कपड़े में सवा सौ ग्राम काले तिल और काले उड़द बांधकर गरीबों को दान में देना चाहिए।
- शनि प्रदोष के दिन घर में सुंदरकांड का पाठ करने से न केवल शनि की पीड़ा शांत होती है बल्कि आर्थिक संकट भी दूर होता है।












Click it and Unblock the Notifications