शनि जयंती और सोमवती अमावस्या एक ही दिन, बन रहा है विशेष संयोग

नई दिल्ली। शनि जयंती ज्येष्ठ अमावस्या पर 3 जून सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन पूरे दिन और रात में सर्वार्थसिद्धि योग भी रहेगा। साथ ही वटसावित्री व्रत, भावुका अमावस्या और सोमवती अमावस्या का संयोग भी है। इस दिन बुध, मंगल और राहु का त्रिग्रही योग भी बन रहा है। साथ ही केतु के साथ शनि की उपस्थिति होने के कारण इसका व्यापक असर प्रत्येक जातक पर पड़ने वाला है। खासकर उन लोगों के लिए यह खास दिन होगा जो शनि की साढ़ेसाती, शनि के ढैया या जन्मकुंडली में शनि की महादशा, अंतर्दशा या शनि की खराब स्थिति के कारण परेशान चल रहे हैं। वे लोग इस खास योग में आ रही शनि जयंती पर शनि की पीड़ा शांत करने का मौका अपने हाथ से ना जाने दें।

शनि जयंती पर सर्वार्थसिद्धि योग

शनि जयंती पर सर्वार्थसिद्धि योग

अमावस्या सोमवार के दिन रोहिणी नक्षत्र तथा वृषभ राशि के चंद्रमा की उपस्थिति में आ रही है। इस दिन सूर्यादय के समय से सर्वार्थसिद्धि योग भी प्रारंभ हो जाएगा। जिसका प्रभाव संपूर्ण दिन और रात में भी रहेगा। इस दिव्य योग की साक्षी में शनिदेव की आराधना जातक को विशिष्ट शुभफल प्रदान करेगी।

संकटों से रक्षा करेगा शनि वज्रपिंजर कवच

संकटों से रक्षा करेगा शनि वज्रपिंजर कवच

शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि जयंती के दिन शनि के वैदिक तथा बीज मंत्र ऊं खां खीं खूं सः मंदाय स्वाहाः के 21 माला जाप करें। शनि स्तवराज, महाकाल शनि मृत्युंजय स्तोत्र का पाठ तथा मंदिर में शनिदेव का तेलाभिषेक करने से शुभफल की प्राप्ति होती है। जिन जातकों को निरंतर शारीरिक पीड़ा रहती है, वे शनि जयंती पर शनिवज्रपिंजर कवच के 11 पाठ करें और उसके बाद हर दिन एक पाठ नियमित करते जाएं। इससे समस्त प्रकार के शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।

स्टील के बर्तन करें दान

स्टील के बर्तन करें दान

शनि की शांति के लिए शनि जयंती के दिन काला उड़द, काला तिल, स्टील-लोहे के बर्तन, श्रीफल, काले वस्त्र, लकड़ी की वस्तुएं, औषधि आदि का दान करना चाहिए। भिक्षुकों को भोजन कराने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। जो गरीब लोग अपनी दवाई का खर्चा उठाने में असमर्थ हों उनके इलाज का इंतजाम करवाएं और उन्हें दवाई भेंट करें, इससे शनिदेव जल्द प्रसन्न होते हैं।

मंगल-बुध-राहु का त्रिग्रही योग

मंगल-बुध-राहु का त्रिग्रही योग

ग्रह गोचर की गणना के अनुसार अमावस्या पर इस बार बुध, मंगल और राहु मिथुन राशि में त्रिग्रही युति बना रहे हैं। अमावस्या के दिन सात्विक ग्रह बुध के साथ मंगल और राहु की उपस्थिति होने के कारण लोगों में आपसी मतभेद, दुष्ट प्रवृत्तियों के लोगों का प्रभाव बढ़ने जैसी घटनाएं होंगी। योग के प्रभाव से भीषण गर्मी, बारिश, आंधी-तूफान की आशंका भी रहेगी। राजनेताओं के लिए यह समय कष्टप्रद रहेगा। प्रत्येक राशि वाले जातकों पर किसी न किसी प्रकार का कष्ट आ सकता है। इस दिन शनिदेव के साथ हनुमानजी की आराधना श्रेष्ठ फल प्रदान करेगी। जो लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं उन्हें इस दिन हनुमान जी को बेसन के लड्डू या हलवे का भोग अवश्य लगाना चाहिए इससे आर्थिक सम्पन्नता आती है।

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