Sarva Pitru Amavasya 2021: कब है सर्वपितृ अमावस्या? जानिए इसका महत्व
नई दिल्ली, 04 अक्टूबर। 20 सितंबर से शुरू हुआ पितृ पक्ष का समापन 6 अक्टूबर को होने जा रहा है। श्राद्ध के आखिरी दिन सर्वपितृ अमावस्या होती है। इस दिन जिन लोगों को अपने पितरों की मृत्यु की तिथि नहीं पता होती है, उस दिन इन लोगों का तर्पण किया जाता है, ये दिन बेहद मानक है और इस दिन लोग अपने पूर्वजों के लिए खास तरह से पूजा करते हैं, जिससे इस साल विदा होने से पहले वो सभी को आशीष दें।

- इस बार इस दिन गजछाया योग बन रहा है, जो कि इसके बाद 8 सालों बाद अमावस्या पर बनेगा इसलिए इस बार ये दिन और खास हो जाता है।
- इन दिन घी, वस्त्र और तिल दान करने से इंसान के सारे कष्ट दूर हो जाएंगे।
- इस दिन ब्राह्मणों, गरीबों, कन्याओं को भोजन कराने से इंसान को पितृदोष से मुक्ति मिलती है।
- श्राद्ध का भोजन गाय, कुत्ते और कौवों को भी कराना चाहिए, इससे आपके घर में समृद्धि बनी रहती है और बरकत होती है।
- आज के दिन गीता का पाठ करने से शांति प्राप्त होती है।
- आज के दिन तुलसी के पेड़ में दीपक जलाने से इंसान के घर में खुशहाली रहती है।
- आज के दिन एक लोटे में, दूध, पानी, काले तिल, शहद और जौ मिलाकर बरगद के पेड़ में अर्पित करने से इंसान को सफलता और प्रेम की प्राप्ति होती है।
आज के दिन इन मंत्रों से कीजिए पूजा
- ॐ कुलदेवतायै नम:-
- ॐ कुलदैव्यै नम:-
- ॐ नागदेवतायै नम:-
- ॐ पितृ देवतायै नम:-
- ॐ पितृ गणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदया
क्या ना करें
- आज के दिन क्लेश ना करें।
- झगड़ा ना करें।
- किसी की निंदा ना करें।
- मांसाहारी भोजन ना खाएं और ना बनाएं।
- संभोग ना करें और ब्रह्नचर्य का पालन करें।
- घर में पूजा-कीर्तन करें।
- तुलसी की पूजा करें और दीपक जलाएं।
पितृचालीसा
हे पितरेश्वर आपको दे दियो आशीर्वाद, चरणाशीश नवा दियो रखदो सिर पर हाथ।
सबसे पहले गणपत पाछे घर का देव मनावा जी। हे पितरेश्वर दया राखियो, करियो मन की चाया जी ।।
चौपाई
पितरेश्वर करो मार्ग उजागर, चरण रज की मुक्ति सागर। परम उपकार पित्तरेश्वर कीन्हा, मनुष्य योणि में जन्म दीन्हा
मातृ-पितृ देव मन जो भावे, सोई अमित जीवन फल पावे। जै-जै-जै पित्तर जी साईं, पितृ ऋण बिन मुक्ति नाहिं ।












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