Ravi Pradosh 2023: सिद्ध योग में रवि प्रदोष आज, जानिए पूजा-विधि
Ravi Pradosh 2023: सामाजिक प्रतिष्ठा प्राप्त करने के लिए रवि प्रदोष व्रत अवश्य करना चाहिए।

Ravi Pradosh 2023: चैत्र कृष्ण त्रयोदशी का प्रदोष व्रत आज है। यह प्रदोष व्रत कई मायनों में महत्वपूर्ण है। रविवार के दिन प्रदोष आने से रवि प्रदोष का शुभ संयोग तो बना ही है, इस दिन सिद्ध योग भी रहेगा जिसमें की गई शिवजी की पूजा स्वर्ण लक्ष्मी प्रदान करने वाली सिद्ध होगी। आज प्रात: 8 बजकर 6 मिनट पर द्वादशी तिथि रहेगी, उसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। त्रयोदशी तिथि 20 मार्च को सूर्योदय पूर्व प्रात: 4 बजकर 54 मिनट पर ही समाप्त हो जाएगी। इस प्रकार त्रयोदशी तिथि किसी भी सूर्योदय को स्पर्श नहीं कर रही है, इसलिए इसका क्षय हो गया है। किंतु प्रदोषकाल में त्रयोदशी तिथि रहने के कारण प्रदोष व्रत आज ही है। आज सिद्ध योग सूर्योदय से लेकर रात्रि 8 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। इस प्रकार रविप्रदोष के दिन सिद्ध योग का आना अत्यंत फलदायी है।
कैसे करें व्रत-पूजन
रवि प्रदोष के दिन सूर्योदय पूर्व उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण कर अपने पूजा स्थान में शिवजी का पूजन कर प्रदोष व्रत का संकल्प लें। सकाम या निष्काम संकल्प ले सकते हैं। इसके बाद दिनभर निराहार रहते हुए सायंकाल प्रदोष काल में समस्त द्रव्यों सहित शिवजी का अभिषेक पूजन करें। नैवेद्य लगाएं आरती करें और प्रसाद ग्रहण करें।
रवि प्रदोष व्रत के लाभ
- रवि प्रदोष व्रत उन लोगों को विशेषतौर पर करना चाहिए जिनके जीवन में मान-सम्मान, यश-प्रतिष्ठा की कमी है। रवि प्रदोष व्रत करने से सम्मान की प्राप्ति होती है और महत्व बढ़ता है।
- रवि प्रदोष व्रत करने से अटूट लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। इस दिन शिवजी का पूजन स्वर्णाकर्षण करवाती है। इससे स्वर्णाभूषणों की प्राप्ति होती है।
- रवि प्रदोष व्रत करने से सूर्य देव की कृपा मिलती है। जन्म कुंडली में सूर्य पीड़ाकारक हो, कष्ट दे रहा हो तो रवि प्रदोष व्रत करने से सूर्य की पीड़ा से मुक्ति मिलती है।
- इस व्रत के प्रभाव से पारिवारिक जीवन उत्तम होता है। दांपत्य और वैवाहिक जीवन में आ रहे संकट दूर होते हैं।












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