Ram Navami 2023: श्री राम भगवान विष्णु के 7वें अवतार, जानिए श्री हरि के सभी 10 अवतारों को
Ram Navami 2023: 'जब-जब धरती पर पाप बढ़ेगा, तब-तब मैं धरती पर आऊंगा', ये बात महाभारत में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता के उपदेश में कही थी।

Ram is the 7th avatars of Vishnu: आज राम नवमी का त्योहार पूरा देश हर्ष और प्रेम के साथ मना रहा है। पूरे देश में जगह-जगह धार्मिक आयोजन आयोजित किए जा रहे हैं। प्रभु श्री राम लोगों के लिए एक आदर्श हैं, आपको बता दें राम भगवान विष्णु के 7वें अवतार कहे जाते हैं, कहा जाता है कि अधर्म का नाश करने के लिए प्रभु राम ने मानवरूपी अवतार धारण किया था। आइए जानते हैं भगवान विष्णु के सभी दस अवतारों के बारे में विस्तार से।
ये हैं भगवान विष्णु के दस अवतार
- मत्स्य (मछली): ये भगवान विष्णु का पहला अवतार हैं, माना जाता है कि जब राक्षसों ने वेदों को समुद्र में छिपा लिया था तो उसे निकालने के लिए विष्णु भगवान ने मछली का रूप धारण किया था।
- वराह अवतार : हिरण्याक्ष दैत्य का नाश करने के लिए भगवान विष्णु ने वरहा का रूप धारण किया था।
- कच्छप अवतार : भगवान विष्णु के इस अवतार को कूर्म भी कहते हैं, जो कि समुद्र मंथन के दौरान प्रकट हुए थे, कहते हैं कि भगवान विष्णु ने इस रूप से मंदर पर्वत को सुरक्षा दी थी।
- नृसिंह भगवान : भक्त प्रहलाद के दुष्ट पिता हिरण्याकश्यप का वध करने के लिए भगवान विष्णु ने आधा सिंह और आधा नर के रूप में अवतार धरा था।
- वामन अवतार : राजा बलि का घमंड चूर करने के लिए विष्णु ने वामन रूप धरकर अपने तीन पग में पूरी धरती को माप लिया था।
- परशुराम : भगवान शिव के भक्त और भृगुवंशीय जमदग्नि के पुत्र परशुराम भगवान विष्णु के 6ठे अवतार कहे जाते हैं।
- श्रीराम अवतार : अधर्म का नाश करने के लिए अयोध्या के राजा दशरथ और मां कौशल्या के पुत्र के रूप में रघुवीर ने जन्म लिया था। जो कि आगे चलकर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम कहलाए।
- श्री कृष्ण: द्वापर युग में एक बार फिर से जब धरती पर अधर्म बढ़ा तो भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी-वासुदेव के आठवें पुत्र के रूप में जन्म लिया और यशोदा-नंद के घर पर बचपन बिताया था।
- भगवान बुद्ध: गौतम बुद्ध के दस अवतारों में से एक महात्मा बुद्ध भी हैं,जिन्होंने कि बौद्ध धर्म के स्थापना की थी।
- काल्कि: ये भगवान विष्णु का आखिरी अवतार है, जो कि कलयुग के खात्मे के लिए होगा, इसका वर्णन काल्कि पुराण में मिलता है।
कुछ खास बातें
- भगवान राम का जन्म त्रेता युग में हुआ था इसलिए इन्हें सृष्टि के सबसे पुराने ईष्टदेव के रूप में पूजा जाता है।
- त्रेता युग में विष्णु के तीन अवतार ( राम, वामन और परशुराम) प्रकट हुए थे।
- दशरथ पुत्र भगवान श्री राम सूर्यवंशी हैं, जिसकी स्थापना सूर्यपुत्र इक्ष्वाकु ने की थी।
- विष्णु के 1000 नामों मे राम नाम 394 वें नंबर पर आता है।












Click it and Unblock the Notifications