कार्तिक पूर्णिमा और गुरू पर्व की देश में धूम, देखें तस्वीरें
वाराणसी। आज पूरे देश में कार्तिक पूर्णिमा और गुरू पर्व धूम-धाम से मनाया जा रहा है। कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर गुरुवार को वाराणसी, हरिद्वार सहित कई हिस्सों में हजारों श्रद्घालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। आज सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना करने वालों का तांता लगा है। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से पिछले सारे पाप धुल जाते हैं और स्वास्थ्य अच्छा होता है तथा समृद्घि बढ़ती है।
जानिए हिंदुओं के लिये किया था गुरु नानक देव ने
तो वहीं आज नानक जयंति भी है। इसलिए ही गुरुनानक देव जी की जयंती के मौके पर श्रद्धालु अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के नाम से विख्यात 'हरमंदर साहिब' सहित पूरे हरियाणा और पंजाब के गुरुद्वारों में प्रार्थनाओं के लिए उमड़े। गुरुनानक की 545वीं जयंती की मौके पर गुरुद्वारे बुधवार को ही सज गए थे।
मालूम हो कि गुरुनानक देव का जन्म 1469 में पंजाब ननकाना साहिब (अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में) हुआ था। बाद में उन्होंने सिख संप्रदाय की स्थापना की थी।इस मौके पर पंजाब और हरियाणा के मुख्य सिख तीर्थो पर कड़ी सुरक्षा तैनात की गई है।
आईये डालते हैं एक नजर कार्तिक पूर्णिमा और गुरू पर्व की धूम पर...

राष्ट्रपति ने गुरुनानक को पुष्पांजलि अर्पित की
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गुरुवार को सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव की जयंती पर गुरुनानक देव जी को पुष्पांजलि अर्पित की। गुरुनानक की 546वीं जयंती के मौके पर राष्ट्रपति भवन में गुरबानी का आयोजन भी किया गया।

राष्ट्रपति भवन में गुरू पर्व
"गुरुनानक जयंती पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में आने वाले गणमान्यों में उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे। गुरबानी भाई चमनजीत सिंह और उनकी पार्टी ने गाई।"

गुरु नानकदेव की शिक्षाएं प्रेरित करती हैं : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की जयंती पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी शिक्षाएं हमें सदैव प्रेरित करती हैं। प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर लिखा, "गुरु नानकदेवजी की जयंती पर उन्हें शत् शत् नमन। उनका जीवन और उनकी शिक्षाएं हमें सदैव प्रेरित करती हैं। आइये, हम उनके द्वारा दिखाए गए करुणा, सत्य और शांति के मार्ग पर चलें।"

स्वर्ण मंदिर
इस मौके पर अमृतसर स्थित गुरु नानक देव के स्वर्ण मंदिर को सजाया गया। आज शाम यहां आतिशबाजी का आयोजन भी किया गया है।

गंगा में डुबकी
कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर गुरुवार को वाराणसी, हरिद्वार सहित कई हिस्सों में हजारों श्रद्घालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई।

सुख, शांति और समृद्धि
ऐसी मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से पिछले सारे पाप धुल जाते हैं और स्वास्थ्य अच्छा होता है तथा समृद्घि बढ़ती है।












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