IAS Nidhi Malik: कौन हैं निधि मलिक? दिल्ली जज सुसाइड केस में क्यों उछला जम्मू की इस ऑफिसर का नाम
IAS Nidhi Malik: देश की राजधानी दिल्ली के न्यायिक हलके में उस वक्त मातम छा गया, जब कड़कड़डूमा कोर्ट में तैनात 30 वर्षीय जज अमन कुमार शर्मा (Aman Kumar Sharma) का शव उनके सफदरजंग स्थित आवास के बाथरूम में फंदे से लटका मिला। 2021 बैच के न्यायिक अधिकारी अमन वर्तमान में उत्तर-पूर्वी जिले के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) में सचिव के पद पर कार्यरत थे।
शनिवार की इस घटना ने सबको चौंका दिया है, क्योंकि शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या बताया जा रहा है, लेकिन मृतक के पिता ने इसे 'मानसिक हत्या' करार दिया है। परिजनों का आरोप है कि अमन पिछले दो महीनों से ससुराल पक्ष के हस्तक्षेप और अपनी पत्नी के साथ चल रहे तनाव के कारण गहरे अवसाद में थे। इन सब में IAS निधि मलिक (IAS Nidhi Malik) का नाम लगातार सामने आ रहा है।

कौन हैं IAS निधि मलिक, लग रहे दखलंदाजी के आरोप
इस पूरे प्रकरण में सबसे ज्यादा चर्चा अमन की साली निधि मलिक की हो रही है। निधि मलिक 2013 बैच की एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर की आईएएस अधिकारी हैं और फिलहाल जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं। the secretariat के अनुसार, IAS अधिकारी निधि मलिक का जन्म 31 मार्च 1990 को हुआ था। वो 2013 बैच की AGMUT कैडर की अधिकारी हैं। उन्होंने BA और LLB की पढ़ाई की है और फरवरी 2026 से जम्मू-कश्मीर में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन के पद पर कार्यरत हैं।
अपने करियर में वह डिप्टी कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर, एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर, ओएसडी, असिस्टेंट सेक्रेटरी और डायरेक्टर जैसे अहम पदों पर काम कर चुकी हैं। निधि मलिक को 2023 में मिड करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के 19वें राउंड में बेस्ट इन प्रोजेक्ट एप्रेजल का अवॉर्ड मिला था, इसके अलावा उन्हें पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए कई बार डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल भी मिल चुके हैं। उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि निधि मलिक का अमन के घर में जरूरत से ज्यादा दखल था। वह अमन के घरेलू फैसलों को नियंत्रित करने की कोशिश करती थीं, जिसके कारण अमन और उनकी पत्नी स्वाति के बीच अक्सर विवाद होता था। स्वाति खुद भी न्यायिक सेवा में अधिकारी हैं। परिजनों का दावा है कि ससुराल पक्ष की तरफ से लगातार मिल रही धमकियों और दबाव ने अमन को इस कदर तोड़ दिया कि उन्होंने मौत को गले लगा लिया।
पिता के सामने रो पड़े थे अमन, "अब जीना मुश्किल है"
जज अमन कुमार शर्मा के पिता प्रेम शर्मा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि घटना से ठीक एक रात पहले अमन ने उन्हें फोन किया था। बातचीत के दौरान अमन काफी परेशान थे और रोते हुए कहा था कि उन पर मानसिक दबाव इतना बढ़ गया है कि अब उनका जीना मुश्किल हो गया है। बेटे की घबराहट सुनकर पिता रात में ही अलवर से दिल्ली के लिए रवाना हो गए, लेकिन जब तक वे सफदरजंग पहुंचे, तब तक अमन ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया था।
हाई-प्रोफाइल मामला और रिश्तेदारों की चुप्पी
परिजनों ने यह भी जानकारी दी कि घटना के बाद जब उन्होंने दूसरे पक्ष से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनके फोन नंबर ब्लॉक मिले। एक करीबी रिश्तेदार ने तो मदद करने के बजाय यह कहकर दूरी बना ली कि यह मामला बहुत हाई-प्रोफाइल है और इसमें नौकरशाही और न्यायपालिका के बड़े नाम जुड़े हैं। परिवार का कहना है कि अमन एक मेधावी जज थे, जिन्होंने पुणे के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से पढ़ाई की थी, लेकिन निजी जीवन की कलह ने उनकी जान ले ली।
जांच में जुटी पुलिस
सफदरजंग एन्क्लेव थाना पुलिस ने बताया कि उन्हें पीसीआर कॉल के जरिए सूचना मिली थी कि अमन ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया है। जब खिड़की का शीशा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, तो वे अचेत अवस्था में मिले। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस अब अमन के कॉल डिटेल्स (CDR) और उनके कमरे से मिले साक्ष्यों की जांच कर रही है। हालांकि अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस हर उस कड़ी को जोड़ रही है जो इस मौत के पीछे की वजह बन सकती है।
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