Papankusha Ekadashi 2021: पापों पर अंकुश लगाती है 'पापांकुश एकादशी'
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापांकुश एकादशी कहा जाता है। इस बार यह एकादशी 16 अक्टूबर 2021 शनिवार को आ रही है। यह एकादशी पाप रूपी हाथी को महावत रूपी अंकुश से बेध देती है। अर्थात् इस एकादशी के प्रभाव से पापों में फंसा हुआ मनुष्य इस चक्रव्यूह से निकल जाता है। उसकी आत्मा शुद्ध हो जाती है और वह बुराई का मार्ग त्यागकर अच्छाई के मार्ग पर चलने लगता है। इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु का विधिवत पूजन करके दिनभर निराहार रहते हुए भगवत्भक्ति करनी चाहिए। दूसरे दिन ब्राह्मणों को भोजन करवाकर दक्षिणा देकर विदा करना चाहिए।

पापांकुश एकादशी व्रत की कथा
विंध्याचल पर्वत पर एक क्रूर बहेलिया रहता था। उसका नाम क्रोधन था। उसने अपना जीवन हिंसा, रक्तपात, लूटपाट, झूठ और पाप कर्म में झोंक दिया। यमराज ने उसके अंतिम समय से एक दिन पूर्व अपने दूतों को उसे लाने भेजा, दूतों ने क्रोधन को बताया किकल तुम्हारा अंतिम समय है, हम तुम्हें लेने आए हैं। मृत्यु के डर से क्रोधन अंगिरा ऋषि के आश्रम में पहुंचा। उसने ऋ षि से अपनी रक्षा की विनती की। ऋषि को उस पर दया आ गई। संयोग से उस दिन पापांकुश एकादशी थी। ऋषि ने उसे पापांकुश एकादशी का व्रत करने को कहा। उन्होंने क्रोधन को पूजा का विधान भी बताया। उसी अनुसार बहेलिये ने व्रत किया। भगवान की कृपा से वह सीधे विष्णुलोक को पहुंच गया।
एकादशी का समय
- एकादशी तिथि प्रारंभ 15 अक्टूबर को सायं 6.04 बजे से
- एकादशी तिथि पूर्ण 16 अक्टूबर को सायं 5.38 बजे तक
- एकादशी का पारण 17 अक्टूबर को प्रात: 6.24 से 8.43 बजे तक
-
Iran Vs America: शांति वार्ता में 'लात-घूंसे', तुर्किए मीडिया का दावा, क्यों भिड़े ईरानी मंत्री- ट्रंप के दूत -
MI vs RCB: विराट कोहली ने मुंबई में रच दिया इतिहास, दुनिया में पहली बार हुआ अनोखा कारनामा -
Asha Bhosle Last Post: 'मैं विलीन हो जाऊंगी', निधन से पहले ही आशा ताई ने लिख दिया था 'आखिरी सच' -
MI vs RCB: वानखेड़े में पसरा सन्नाटा, रोहित शर्मा लाइव मैच से बैटिंग छोड़ गए, आखिर क्या है कारण -
Asha Bhosle Net Worth: आशा भोसले कितनी छोड़ गईं प्रॉपर्टी? सिगिंग के अलावा कहां से करती थींं करोड़ों की कमाई -
Asha Bhosle Last Wish: अधूरी रह गई आशा भोसले की अंतिम इच्छा, पॉडकास्ट में बताया था क्या थी स्पेशल ख्वाहिश -
'मैं आखिरी जिंदा मुगल हूं', मंगेशकर परिवार में जन्मीं आशा भोसले ने कब और क्यों कही थी ये बात? -
Asha Bhosle का 92 साल की उम्र में हुआ निधन, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में दिग्गज सिंगर ने ली आखिरी सांस -
Asha Bhosle: 'बेइंतहा खूबसूरत', कौन हैं जनाई भोसले? क्रिकेटर सिराज से उड़ी थीं अफेयर की खबरें -
Hazeena Syed: 'अपना ईगो अपने बॉयफ्रेंड वेणुगोपाल को दिखाओ', कौन हैं हजीना, जिसने लगाए अलका लांबा पर गंदे आरोप? -
US-Iran Talks: अमेरिका-ईरान में क्यों नहीं बनी बात? होर्मुज से न्यूक्लियर तक, इन 5 वजहों ने रोकी शांति की राह -
Iran US Talk Fail: फंस गया अमेरिका? शांति समझौते की जरूरत ईरान से ज्यादा ट्रंप को? 4 प्वाइंट्स में समझें












Click it and Unblock the Notifications