Navratri 2019 : जैसी आपकी कामना, वैसा होगा भोग, तो मिलेगा उत्तम फल
नई दिल्ली। नवरात्रि में देवी की साधना में जितना महत्व उनके मंत्रों के शुद्ध उच्चारण, सात्विकता और ब्रह्मचर्य का है, उतना ही देवी को लगाए जाने वाले भोग का भी है। देवी ग्रंथों के अनुसार नवरात्रि के प्रत्येक दिन देवी के अलग-अलग स्वरूप के अनुसार अपनी विभिन्न् कामनाओं की पूर्ति के लिए उन्हें अलग-अलग वस्तुओं का भोग लगाने से इच्छित फल की प्राप्ति की जा सकती है।
आइए जानते हैं नवरात्रि के किस दिन देवी को किस वस्तु का नैवेद्य लगाने से कौन सी इच्छा पूर्ण होती है...

नवरात्रि के नौ दिन, नौ भोग
- प्रतिपदा- गाय का घी- आरोग्य की प्राप्ति के लिए
- द्वितीया- शक्कर या मिश्री- दीर्घायु के लिए
- तृतीया- गाय का दूध- समस्त दुख और संताप दूर करने के लिए
- चतुर्थी- गाय के घी में तला मालपुआ- आत्मबल, नेतृत्व क्षमता, वाक सिद्धि की प्राप्ति के लिए
- पंचमी- केले- बौद्धिक क्षमता बढ़ाने और ज्ञान की प्राप्ति के लिए
- षष्ठी- शहद- आकर्षण एवं सौंदर्य वृद्धि के लिए
- सप्तमी- गुड़- जीवन की आकस्मिक बाधा से रक्षा के लिए
- अष्टमी- श्रीफल- ग्रहों की पीड़ा को शांत करने के लिए
- नवमी- काले तिल- रोग नाश और मोक्ष की प्राप्ति के लिए

मनोकामना पूर्ण होती है...
इनके अलावा मां दुर्गा को खीर, मालपुए, मीठा हलुआ, पूरणपोळी, केले, श्रीफल और मिष्ठान्न् बहुत पसंद हैं। नवरात्रि के मौके पर उन्हें प्रतिदिन इन वस्तुओं का भोग लगाने से हर तरह की मनोकामना पूर्ण होती है, खासकर देवी को शुद्ध देसी घी से बना सभी तरह का हलुआ बहुत पसंद है।

भौतिक सुख मिलेगा
मंगलवार और शुक्रवार के दिन दुर्गा मां को विशेषकर नेवैद्य अर्पित किया जाता है। देवी के प्रसन्न् होने पर वे सभी तरह के संकट को दूर कर व्यक्ति को संतान सुख, संपत्ति सुख, धन सुख समेत सभी प्रकार के भौतिक सुख प्रदान करती हैं।












Click it and Unblock the Notifications