Navratri 2018: घट स्थापना के वक्त जरूर रखिए इन चीजों का खास ध्यान
नई दिल्ली। देवी दुर्गा की आराधना, साधना और सिद्धियों की प्राप्ति के सर्वश्रेष्ठ दिन नवरात्रि 10 अक्टूबर से प्रारंभ हो रही है। इस दिन बुधवार, चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग है। चंद्रमा तुला राशि में रहेगा। 10 अक्टूबर को प्रतिपदा तिथि प्रातः 7 बजकर 25 मिनट तक रहेगी, जो पूरे दिन मानी जाएगी। इसलिए पंचांगों के मतानुसार 10 अक्टूबर को ही घटस्थापना करना श्रेयस्कर रहेगा। नवरात्रि में घट स्थापना का ही सबसे अधिक महत्व होता है। इसलिए इसकी स्थापना सही और उचित मुहूर्त में ही करनी चाहिए। ध्यान रहे शास्त्रानुसार अमावस्यायुक्त शुक्ल प्रतिपदा में कलश स्थापना नहीं करना चाहिए।

इस संबंध में शास्त्रों का मत है कि
या तिथिं समनुप्राप्य उदयं याति भास्करः।
सा तिथिः सकलाज्ञेया स्नानं दानं व्रतादिषु।।
अर्थात सूर्योदय से एक मुहूर्त या एक मुहूर्त से कम हो तो भी उसी दिन घटस्थापना करना चाहिए। ऐसी स्थिति में सूर्योदय से 10 घटी यानी प्रातः 10 बजकर 25 मिनट तक या मध्यान्ह अभिजीत मुहूर्त में 11.50 बजे से 12.38 बजे तक घटस्थापना का श्रेष्ठ मुहूर्त है।

ये रहेंगे नवरात्रि के दिन
- 10 अक्टूबर बुधवार प्रतिपदा, प्रातः 7.25 तक
- सूर्योदय पूर्व प्रातः 6.06 बजे द्वितीया तिथि समाप्त होने से द्वितीया तिथि का क्षय
- 11 अक्टूबर गुरुवार तृतीया, रात्रि 5.28 तक
- 12 अक्टूबर शुक्रवार चतुर्थी, रात्रि 5.34 तक
- 13 अक्टूबर शनिवार पंचमी अहोरात्र
- 14 अक्टूबर रविवार पंचमी, प्रातः 6.28 तक
- 15 अक्टूबर सोमवार षष्ठी, प्रातः 8.04 तक
- 16 अक्टूबर मंगलवार सप्तमी, प्रातः 10.16 तक
- 17 अक्टूबर बुधवार अष्टमी, प्रातः 12.49 तक
- 18 अक्टूबर गुरुवार महानवमी, दोपहर 3.28 तक

दशहरा 18 - 19 अक्टूबर को
इस बार दशहरा को लेकर भी मतभिन्नता सामने आ रही है। रावणदहन का समय सायं का होता है। 18 अक्टूबर को दोपहर 3.28 बजे तक नवमी तिथि रहेगी। उसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ होगी। विभिन्न स्थानों पर अपराह्ण काल अलग-अलग होने से दशहर 18 एवं 19 अक्टूबर दोनों दिन मनाया जाएगा। 19 अक्टूबर को शमी तिथि ठीक सूर्यास्त के समय सायं 5.57 बजे समाप्त हो जाएगी।












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