Mohini Ekadashi 2023: प्रेम, आकर्षण और दांपत्य सुख प्रदान करती है मोहिनी एकादशी
Mohini Ekadashi 2023: अविवाहित युवक-युवतियां यदि मोहिनी एकादशी का व्रत करें तो उनका विवाह शीघ्र हो जाता है।

Mohini Ekadashi 2023: आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी कि मोहिनी एकादशी का व्रत है। इस दिन भगवान विष्णु ने समुद्र मंथन से निकले अमृत कलश को दानवों से बचाने के लिए मोहिनी स्वरूप धारण किया था। शास्त्रों का कथन है कि मोहिनी एकादशी का व्रत करन से व्यक्ति स्वयं श्री विष्णु के समान सुंदर और आकर्षक हो जाता है। यह व्रत मनुष्य के मान-सम्मान में वृद्धि करता है। इस व्रत से प्रेम, आकर्षण और दांपत्य सुख प्राप्त होता है।
मोहिनी एकादशी के संबंध में पुराण कथाओं में कहा गया है कि समुद्र मंथन से निकले अमृत के कलश को प्राप्त करके अमर बनने की कामना से दानवों और देवताओं के बीच विवाद हो गया। तब भगवान विष्णु ने सुंदर स्त्री का रूप धारण कर दानवों को मोहित कर लिया और उनसे अमृत कलश लेकर देवताओं को सारा अमृत पिला दिया। अमृत पीकर देवता अमर हो गए। यह वैशाख शुक्ल एकादशी का दिन था इसलिए इस दिन भगवान विष्णु के मोहिनी रूप की पूजा की जाती है।
कैसे करें मोहिनी एकादशी व्रत
एकादशी के दिन प्रात: कुश और तिल के लेप करें और फिर स्नान करके नवीन शुद्ध वस्त्र धारण करें। विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करें। भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने घी का दीप लगाएं तथा व्रत का संकल्प लें। एक कलश पर लाल वस्त्र बांध कर कलश की पूजा करें। उसके ऊपर विष्णु की प्रतिमा रखें। प्रतिमा को स्नानादि से शुद्ध करके नए वस्त्र पहनाएं। विविधरंगी पुष्पों से विष्णु भगवान का श्रृंगार करें। मिष्ठान्न तथा फलों का भोग लगाएं और धूप, दीप से आरती करें। दूसरे दिन ब्राह्मण भोजन तथा दान के बाद व्रत खोलें।
एकादशी व्रत कब से कब तक
- एकादशी प्रारंभ : 30 अप्रैल रात्रि 8:28 से
- एकादशी पूर्ण : 1 मई रात्रि 10:09 तक
- एकादशी पारण : 2 मई प्रात: 5:54 से 8:30












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