Masik Durgashtami 2021: गणपति संग कीजिए मां गौरी की पूजा, मिट जाएंगे सारे कष्ट
नई दिल्ली, 20 मई। हर महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी का पर्व होता है। आज के दिन भक्तगण मां गौरी की पूजा करते हैं, क्योंकि मां दुर्गा का आठवां रूप गौरी ही है। जो कि बेहद सरस, कोमल और सुंदर है। मां गौरी भगवान गणेश की मां और शिव की पत्नी हैं। महागौरी की पूजा आरंभ करने से पहले गजानन गणेश की पूजा करें और वैसे भी गणेश जी मां पार्वती के प्रिय पुत्र हैं इसलिए मां की पूजा करने से विघ्नहर्ता का ध्यान करना चाहिए। ऐसा करने भक्त के सारे दुख दूर होते हैं और समस्त सुखों की प्राप्ति होती है।

ऐसे करें पूजा विधि
- भगवान गणेश जी के साथ मां गौरी की तस्वीर या मूर्ति रखें।
- प्रभु गणेश जी की स्तुति के साथ पूजा प्रारंभ करें।
- गंगाजल से दोनों लोगों का चरण धोएं।
- अब वस्त्र अर्पण कर उन्हें धूप-दीप दिखाएं और फूल-माल, प्रसाद चढ़ाएं।
- पूजन के समय ॐ गौर्ये नम: व ॐ पार्वत्यै नम: मंत्र का जाप करें।
- आरती करके क्षमायाचना करें और प्रसाद सब में बांटें।
- गणेश जी को लड्डू बहुत प्रसन्न है, ऐसे में अगर आप लड्डू को प्रसाद के रूप में अर्पित करेंगे तो मां भी काफी प्रसन्न करेगा।
माता की पूजा अर्चना निम्न मंत्रों से करें
- मंत्र: या देवी सर्वभूतेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता।
- नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥

स्तोत्र मंत्र
- सर्वसंकट हंत्रीत्वंहिधन ऐश्वर्य प्रदायनीम्।
- ज्ञानदाचतुर्वेदमयी,महागौरीप्रणमाम्यहम्॥
- सुख शांति दात्री, धन धान्य प्रदायनीम्।
- डमरूवाघप्रिया अघा महागौरीप्रणमाम्यहम्॥
मुहूर्त
- विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 35 मिनट से 03 बजकर 29 मिनट तक।
- निशिथ काल- मध्यरात्रि 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 38 मिनट तक।
- गोधूलि बेला- शाम 6 बजकर 54 मिनट से 7 बजकर 18 मिनट तक।












Click it and Unblock the Notifications