Malmas 2024 (Do-dont): मलमास में भूलकर भी ना करें ये काम, वरना होगा नुकसान
Malmas 2024 (Do-Dont): मलमास की शुरुआत आज से हो गई है, अब एक महीने तक के लिए शुभ और मांगलिक काम नहीं होंगे। कहते हैं इस दौरान भगवान विष्णु की खास पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से इंसान को सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

इस महीने को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इस दौरान कुछ खास बातों का ख्याल रखना चाहिए क्योंकि अक्सर लोग छोटी-छोटी बातों का ख्याल नहीं रखते और इसके चलते उन्हें उनकी पूजा का विशेष लाभ नहीं मिल पाता है।
क्या ना करें
- सारे शुभ काम और मांगलिक काम वर्जित होते हैं।
- विवाह संस्कार, मुंडन, अन्नप्राशन संस्कार, गृह प्रवेश, भूमि पूजन का काम नहीं करना चाहिए।
- नए समान, नए वाहन और नए कपड़े खरीदने से बचें।
- किसी से झगड़ा ना करें।
- मासांहारी भोजन से दूर रहें।
- मदिरापान ना करें।
- लहसुन-प्याज ना खाएं।
क्या करें
- ब्रह्मचर्य का पालन करें।
- सत्संग करें।
- मन पूजा-पाठ और ध्यान में लगाएं।
- दान-पुण्य करना चाहिए।
- गरीबों को दान देना चाहिए।
- विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ करें।
भगवान विष्णु जी की आरती ( Lord Vishnu Aarti)
- ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे।
- भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
- ॐ जय जगदीश हरे।
- जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का।
- स्वामी दुःख विनसे मन का।
- सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
- स्वामी दुःख विनसे मन का।
- सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
- ॐ जय जगदीश हरे।
- मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी।
- स्वामी शरण गहूँ मैं किसकी।
- तुम बिन और न दूजा, आस करूँ जिसकी॥
- ॐ जय जगदीश हरे।
- तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
- स्वामी तुम अन्तर्यामी।
- पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥
- ॐ जय जगदीश हरे।
- तुम करुणा के सागर, तुम पालन-कर्ता।
- स्वामी तुम पालन-कर्ता।
- मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥
- ॐ जय जगदीश हरे।
- तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
- स्वामी सबके प्राणपति।
- किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥
- ॐ जय जगदीश हरे।
- दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
- स्वामी तुम ठाकुर मेरे।
- अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥
- ॐ जय जगदीश हरे।
- विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
- स्वमी पाप हरो देवा।
- श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा॥
- ॐ जय जगदीश हरे।
- श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे।
- स्वामी जो कोई नर गावे।
- कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥
- ॐ जय जगदीश हरे।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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