Mahapat Dosh 2025: आज बन रहा है महापात दोष, भूलकर भी न करें ये काम, वरना होगा नुकसान
Mahapat Dosh 2025: वैदिक पंचांग में अनेक अशुभ योगों का वर्णन मिलता है। उनमें से एक है महापात दोष। यह एक ऐसा भयानक दोष होता है जिसमें कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। इस दोष में शुरू किया गया काम कभी सफल नहीं होता और मनुष्य उसमें फंसता चला जाता है। महापात दोष 17 फरवरी 2025 सोमवार को सायं 4:44 से रात्रि 9:12 तक बन रहा है।

क्या होता है महापात दोष
महापात दोष सूर्य और चंद्र की गति के आधार पर बनता है। जब व्यतिपात या वैधृति योग में सूर्य और चंद्रमा का झुकाव एक डिग्री के भीतर होता है या लगभग बराबर हो जाता है, तब महापात दोष बनता है। इस दोष को सूर्य-चंद्र वैधृति योग भी कहा जाता है। इस योग में सूर्य और चंद्र का प्रभाव लगभग शून्य हो जाता है, इस कारण इस समय किया गया कार्य कभी सफल नहीं होता। महापात दोष में प्रारंभ किया गया कार्य सफल नहीं होता और उसमें लगातार हानि उठानी पड़ती है, अंतत: मनुष्य को वह काम छोड़ना पड़ता है या उसे बंद करना पड़ता है।
क्या नहीं करें महापात दोष में
- महापात दोष के समय कोई भी नया काम प्रारंभ नहीं करना चाहिए।
- पुराने चलते हुए कार्य में कुछ नया जोड़ने का प्रयास कभी नही करें।
- महापात दोष में यात्रा प्रारंभ नहीं करनी चाहिए। इससे हानि होती है।
- इस दोष में किसी को पैसा उधार देना और लेना नहीं करना चाहिए।
- इस दोष में कुआं, ट्यूबवेल न खुदवाएं, वरना उसमें पानी नहीं आएगा।
- विवाह, मुंडन, सगाई, गृह प्रवेश, दुकान का शुभारंभ इस दोष में नहीं किया जाता है।
- भूमि, भवन, वाहन, आभूषण आदि इस दोष के समय नहीं खरीदना चाहिए।
- महापात दोष के समय स्त्री-पुरुषों को यौन संबंध नहीं बनाना चाहिए।
क्या करें महापात दोष में
- महापात दोष के दौरान अपने ईष्ट या अपने गुरुदेव के मंत्रों का जाप करने से अनिष्ट टल जाता है।
- इस दोष के दौरान शिवजी की उपासना, पूजा, अभिषेक आदि कर्म किए जाने चाहिए।
- महापात दोष हो तब गायों को हरा चारा खिलाना चाहिए।
- इस दोष के समय दान-पुण्य अवश्य करना चाहिए। इससे अनिष्ट की आशंका नहीं रहती।












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