Rudra Mantra: जानिए रुद्र मंत्र के लाभ और जाप करने का तरीका
नई दिल्ली, 10 जून। यूं तो भगवान भोलेनाथ साधारण पूजा से ही प्रसन्न हो जाने वाले देव हैं, किंतु उनके कुछ विशेष मंत्र अत्यंत चमत्कारिक और विभिन्न बाधाओं को दूर कर सुख-समृद्धि, धन-संपत्ति, वैभव प्रदान करने वाले हैं। इन्हीं में से एक तुरंत फलदायी मंत्र है रुद्र मंत्र। इस मंत्र को एक लाख जपने से सिद्ध होता है और फिर जातक को जीवन में किसी चीज का अभाव नहीं रह जाता है। कहा जाता है इस मंत्र को सिद्ध कर लेने पर साक्षात भगवान शिव किसी न किसी रूप में जातक को दर्शन देते हैं।
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क्या है मंत्र
ऊं नमो भगवते रुद्राय
यह मंत्र तो छोटा सा है किंतु इससे भगवान शंकर से मनचाहा वरदान पाया जा सकता है।
कैसे करें जप
इस मंत्र की जप संख्या है एक लाख। इसे किसी भी माह की मास शिवरात्रि से प्रारंभ किया जा सकता है। अपने घर के पूजा स्थान में स्नानादि से निवृत होकर साफ-स्वच्छ वस्त्र धारण कर आसन बिछाकर बैठें। सामने चौकी पर भगवान शिव की मूर्ति अथवा चित्र रखें। शिवजी का ध्यान कर संकल्प लें। हाथ में पूजा की सुपारी, अक्षत, सिक्का, पुष्प और जल डालकर एक लाख जाप करने का संकल्प लें। अपनी इच्छित मनोकामना बोलें और जप प्रारंभ करें। ध्यान रहे प्रतिदिन मंत्र संख्या निश्चित रखनी है। कम या ज्यादा न हो। एक लाख मंत्र जप संख्या 30 दिन में पूरी करने के लिए 31 माला प्रतिदिन जप करना होगा। अर्थात मास शिवरात्रि से मास शिवरात्रि पर 30 दिन तक जाप करें। जप पूरा हो जाने के बाद इसी मंत्र से दशांश हवन करें। इससे यह मंत्र सिद्ध होगा।
मंत्र के लाभ
- यह भगवान शिव का अत्यंत चमत्कारिक मंत्र है। अत: सच्ची श्रद्धा और पवित्रता का ध्यान रखें।
- रुद्र मंत्र शीघ्र फलीभूत होने वाला मंत्र है। इसके सिद्ध होते ही भगवान शंकर दर्शन देते हैं।
- जिस कामना की पूर्ति के लिए यह मंत्र जप किया जाए वह शीघ्र पूरी होती है।
- धन-संपत्ति, सुख-समृद्धि, भौतिक वस्तुएं प्रदान करने वाला चमत्कारिक मंत्र है।
- भूमि, भवन, वाहन सुख की प्राप्ति होती है।
- जीवन की संपूर्ण बाधाएं दूर होती हैं।
- वैवाहिक, पारिवारिक जीवन की समस्याएं दूर होती हैं।
- आर्थिक संकटों और रोगों से मुक्ति मिलती है।
- मंत्र सिद्ध होने पर जातक धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष सभी का पूरा लाभ प्राप्त करने में समर्थ होता है।












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