Kark Sankraanti 2021: जानिए कब है 'कर्क संक्रांति', क्या है महत्व?
नई दिल्ली, 16 जुलाई। सूर्य का मिथुन से कर्क राशि में प्रवेश करने की घटना को 'कर्क संक्रांति' कहते हैं। 'कर्क संक्रांति' 16 जुलाई से लेकर 17 अगस्त रहेगी। कहा जा रहा है कि राशियों का ये परिवर्तन अच्छा और शुभ है। लोगों को ये सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करेगा।

कर्क संक्रांति 2021 का पुण्य काल
- कर्क संक्रांति का पुण्य काल 16 जुलाई को प्रात: 05.34 am से शाम को 05.09 pm तक
- कर्क संक्रांति का महा पुण्य काल 16 जुलाई को दोपहर 02. 15 pm से शाम 05.09 pm तक
इन मंत्रों से कीजिए सूर्य देव को प्रसन्न
- ॐ घृणिं सूर्य्य: आदित्य:
- ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा
- ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:
- ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ
- ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः
- ॐ सूर्याय नम:
- ॐ घृणि सूर्याय नम:
कीजिए कुछ उपाय
- अगर आप कर्ज से परेशान हैं तो इस पूरे माह रविवार की रात अपने सिरहाने पर एक गिलास दूध रखें। देखिएगा बिना परेशानी के ही आपकी परेशानी खत्म हो जाएगी।
- अगर बीमार रहते हैं तो इस पूरे माह तुलसी को जल आपके बिगड़े हुए काम बनने लगेंगे।
- पूरे माह काले श्वान को गुड़ और रोटी खिलाएं और दूध पिलाएं। इससे आपके शत्रु परास्त होंगे।
- गाय को रोटी खिलाने सेमुकदमों में जीत हासिल मिलेगी।
- रविवार के दिन भगवान सूर्यदेव के 21 नामों का पाठ करने से यश प्राप्ति होती है।
कैसे होते हैं कर्क राशि वाले
- कर्क राशि वाले काफी संयमित मिजाज को होतै हैं।
- कर्क राशि की महिलाएं जिससे दोस्ती करती हैं, उसका ख्याल रखती हैं, वो काफी केयरिंग होती हैं।
- कर्क राशि के युवा-युवतियां खासकर अपने भविष्य के प्रति बेहद चिंतित रहते हैं।
- इनके लिए धन बहुत महत्व नहीं रखता है।
- ये रिश्तों को अहमियत देते हैं।












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