Jaya Parvati Vrat 2021: 'जया पार्वती' व्रत आज से शुरू, जानिए पूजा-विधि और महत्व
नई दिल्ली, 21 जुलाई । 'जया पार्वती' व्रत आज से प्रारंभ हो रहा है और ये 26 जुलाई तक चलेगा। इस व्रत को अविवाहित महिलाएं अच्छे पति की प्राप्ति के लिए और विवाहित महिलाएं अपने पति के दीर्घायु के लिए रखती हैं। ये कठिन व्रत है, जो कि पांच दिनों तक चलता है, इस व्रत को बहुत ध्यान से करना चाहिए।

शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त 11:57am से 12:52pm
- विजय मुहूर्त 02:43pm से 03:38pm
- गोधुली मुहूर्त 07:05pm से 07:29pm
क्या ना खाएं
- 5 दिनों तक गेहूं से बनी किसी चीज का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इन पांच दिनों में गेंहू की ही पूजा होती है।
- 5 दिनों तक नमक और खट्टी चीजों का भी सेवन नहीं करना चाहिए।
- 5 दिनों तक फलाहार का सेवन करना चाहिए।
नियम
- गेहूं के बीजों को मिट्टी के बर्तन में लगाया जाता है।
- उसकी 5 दिनों बर्तन की पूजा की जाती है।
- छठे यानि समापन के दिन गेहूं से भरा हुआ बर्तन किसी भी नदी या तालाब में प्रवाहित किया जाता है।
पूजा विधि
- 5 दिनों तक महिलाओं को 16 शृंगार करके भगवान शिव-मां पार्वती और गेहूं के बीजों के बर्तन की पूजा करनी चाहिए।
- भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा गोधुली मुहूर्त में करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
- शाम को पूजा के बाद पति के पैर छूकर उनका आर्शीवाद अवश्य लेना चाहिए।
- हो सके तो रात्रि जागरण अवश्य करें और भजन गाएं।
निष्ठा का व्रत
तपस्या और निष्ठा के साथ स्त्रियां यह व्रत रखती हैं, ये व्रत बड़ा कठिन है। कहते हैं इस व्रत को करने से सात जन्मों तक महिलाओं को उनके पति प्राप्त होते हैं। काशी के पंडित दिवाकर शास्त्री के मुताबिक इस बार यह व्रत काफी सुखद संयोग लेकर आया है और इस दिन का व्रत अखंड सौभाग्य प्रदान करने वाला और सुख-शांति देने वाला है।












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