Janmashtami 2023: क्यों राधा का नाम आता है कान्हा से पहले, क्या है 'राधे-कृष्ण' का मतलब?
Real Meaning of Radha Krishna: आज पूरे भारत में भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। कान्हा के मंदिरों को सजाया गया है तो कहीं -कहीं झांकियां भी सजाई गई हैं। आपको बता दें कि भगवान श्रीकृष्ण का जिक्र 'राधा' बिना अधूरा है। गोकुल-वृंदावन में राधा जी के मंदिरों को भी आज सजाया गया है।

आपको बता दें कि 'राधा-कृष्ण' प्रेम के साक्षात प्रमाण हैं, 'राधा' के प्रेम के ताकत का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि राधे का नाम श्रीकृष्ण से आगे ही लिया जाता है इसी वजह लोग 'राधे-कृष्ण' ही कहते हैं ना कि 'कृष्ण-राधे'।'
लेकिन क्या आप जानते हैं कि 'राधे-कृष्ण' का असल मतलब?
- राधे का अर्थ होता है राह+ दे= मतलब रास्ता दीजिये
- कृष्णा यानी कि Krishna शब्द बना है KRU+ Shan से
- KRU का मतलब होता है परम
- Shan का अर्थ होता है खुशी
इसका मतलब राधे-कृष्ण का अर्थ हुआ- 'राह देने वाली परम खुशी' , यानी कि हम जब भी 'राधे-कृष्ण' बोलते हैं, उस वक्त हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि 'हमें परम खुशी देने वाला राह यानी रास्ता दे।'
'श्री कृष्ण' नाम से पहले 'राधा' का नाम क्यों आता है?
श्रीकृष्ण और राधा का प्रेम अनमोल, अविश्वसनीय और सारी रस्मों और परंपराओं से ऊपर है, ये प्रेम निस्वार्थ है, जहां कोई लालसा नहीं है, कामना नहीं है, है तो सिर्फ त्याग और एक-दूसरे से बिना शर्त और बलिदान का प्यार। पौराणिक कथाओं में वर्णन है कि जब श्रीकृष्ण गोकुल छोड़कर जा रहे थे तो राधा ने उनसे कहा कि आप तो मुझे छोड़कर जा रहे हैं,आपके बिना मुझे कोई नहीं जानता है, आपके बिना मेरा कोई अस्तित्व नहीं'।
'तुम्हारे बिना मेरी पहचान अधूरी है'
तब श्री कृष्ण ने उनसे कहा था कि 'राधे बिना मैं अधूरा हूं इसलिए आज के बाद दुनिया में तुम्हारा नाम मेरे नाम के बाद ही आएगा, तुम्हारे बिना मेरी पहचान अधूरी है और तब से ही 'राधे-कृष्ण' कहने की परंपरा बन गई।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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