Inspirational Story: जहां का मालिक सब देख रहा है
नई दिल्ली। संसार में कितने ही लोगों की प्रवृत्ति दूसरों को धोखा देने की होती है। किसी की आंखों में धूल झोंकना, नजर बचाकर सामान चुरा लेना या मौका मिलते ही दूसरे को बेवकूफ बनाकर खुद को होशियार मान लेना दुनियादारों की रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल है।

ऐसे लोग यह मानते हैं कि वे दुनियाभर से बुद्धिमान हैं, लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि इस दुनिया का भी एक मालिक है, जिसकी नजर से कुछ नहीं छिपता। जो इस सत्य को जानते हैं, मानते हैं, वे इस तरह की छल-कपट भरी दुनियादारी से दूर रहते हैं। वही ईश्वर की सच्ची संतान होते हैं।
आज हम ऐसे ही एक पवित्र हृदय वाले इंसान भोला की कथा जानते हैं..
किसी गांव में भोला नाम का एक सीधा-सादा व्यक्ति रहता था। वह बहुत ही साफ और मासूम दिल का आदमी था। आयु अधिक हो जाने पर भी वह बच्चों की तरह भोला था, इसीलिए सब मंदबुद्धि कह कर उसका मजाक उड़ाया करते थे। वह जहां भी कोई काम पकड़ता, थोड़े ही दिन में रोजगार छिन जाता क्योंकि दुनिया के साथ चलने के लिए कपट बुद्धि आवश्यक मानी जाती है। इस तरह कई कामों में हाथ आजमाने के बाद भी वह बेरोजगार ही रह गया और उसके खाने के लाले पड़ गए। एक रात भोला मंदिर के सामने बैठकर बुरी तरह रोते हुए बोला- हे ईश्वर! मुझसे कोई काम नहीं बनता। मेरे लिए कोई व्यवस्था कर दे या मुझे अपने पास बुला ले।
भोला का रोना सुनकर चोर का दिल पसीज गया
पास ही पेड़ के पीछे एक चोर छिपा हुआ था। भोला का रोना सुनकर चोर का दिल पसीज गया और वह उसके पास जाकर बोला- भाई! तुम मेरे साथ चलो। मेरे साथ ही काम करना। भोला ने पूछा कि आप क्या काम करते हैं? चोर ने सीधे बता दिया कि मैं चोरी करता हूं। भोला ने कहा- मुझे चोरी करना नहीं आता। चोर ने कहा- मैं सिखा दूंगा। दोनों साथ चल पड़े। रास्ते में चोर खेत में बने खलिहान में अनाज चुराने घुसा। उसने भोला को एक पेड़ पर चढ़ा दिया और कहा कि अगर खेत का मालिक आता दिखाई पड़े, तो झट आवाज लगा देना। अभी चोर खलिहान में घुसा ही था कि भोला जोर से चिल्लाया- मालिक देख रहा है, मालिक देख रहा है। उसकी आवाज सुनकर चोर झट-पट भाग खड़ा हुआ। जरा दूर जाकर चोर ने पूछा- मैं तो सब देख-भाल कर अंदर घुसा था। इतनी जल्दी खेत का मालिक कैसे आ गया? तुमने उसे कितनी दूर देखा था?
मैंने तो दुनिया के मालिक को देखा
भोला ने कहा- मैंने खेत के मालिक को थोड़े ही देखा। मैंने तो दुनिया के मालिक को देखा। उसकी नजर से कुछ नहीं छिपता। भले ही खेत के मालिक ने ना देखा, पर दुनिया का मालिक तो देख रहा है ना? आखिरी हिसाब तो उसी को करना है ना? भोला की बातें सुनकर चोर हक्का-बक्का रह गया। उसकी आंखों में आंसू आ गए। उसने कहा- भाई! सब मुझे बोलते रहे कि यह काम गलत है। मैंने कभी किसी की ना मानी, पर आज तुमने मेरी आंखें खोल दीं। सही कहा, आखिरी हिसाब तो उस सारे जहां के मालिक को ही देना है। तुम अपने इसी सीधेपन के कारण दुनिया में मात खा रहे हो, पर तुम्हारे इसी स्वभाव के कारण मेरे जैसे कितने ही लोग सुधर जाएंगे। तो चलो, आज से हम दोनों नेकी से कमाई करते हैं और जो, जितना मिलता है, बांट कर खाते हैं। इस तरह चोर भी सुधर गया और भोला की भी व्यवस्था भगवान ने कर दी।
शिक्षा
साथियों, किसी को धोखा देना बहुत ही आसान होता है, पर उसका परिणाम उतना ही भयंकर होता है। याद रखें कि भगवान हर पल का हिसाब रखते हैं, हर कर्म का ध्यान रखते हैं और अपनी हर संतान पर नजर रखते हैं। तो अगली बार यदि आपके मन में किसी को धोखा देने का विचार आए, तो एक बार भोला को जरूर याद कर लें।












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