Holika Dahan 2019: जानिए कौन है भद्रा, जिसकी वजह से आज होलिका-दहन है रात को
नई दिल्ली। आज होलिका दहन है, आज सुबह 10:45 से रात्रि 08:59 तक भद्रा रहेगी, इसका अर्थ ये हुआ कि आज रात्रि 09 बजे के बाद होलिका दहन होगा, दरअसल भद्राकाल में कोई भी शुभ काम नहीं होता है कहते हैं इस दौरान किया गया कोई भी काम विनाश का कारण बनता है। होलिका दहन के साथ ही रंग वाली होली शुरू हो जाएगी, जो गुरूवार को दोपहर तक जारी रहेगी।

कौन है भद्रा
पुराणों के अनुसार भद्रा भगवान सूर्यदेव की पुत्री और राजा शनि की बहन है। शनि की तरह ही इसका स्वभाव भी कड़क बताया गया है। उनके स्वभाव को नियंत्रित करने के लिए ही भगवान ब्रह्मा ने उन्हें पंचांग के एक प्रमुख अंग विष्टि करण में स्थान दिया। भद्रा की स्थिति में कोई भी अच्छा काम नहीं होता लेकिन भद्रा काल में तंत्र कार्य, अदालती और राजनीतिक चुनाव कार्य के अच्छा होता है।

आस्था के साथ करना चाहिए पूजन
पूजन करने के लिए माला, रोली, गंध, पुष्प, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी, मूंग, बताशे, गुलाल, नारियल, पांच प्रकार के अनाज में गेंहू की बालियां और साथ में एक लोटा जल रखना चाहिए और उसके बाद होलिका के चारों ओर परिक्रमा करनी चाहिए, जातक को पूजा करते वक्त पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठना चाहिए।

होलिका दहन की पूजा का खासा महत्व है
होलिका दहन की पूजा का खासा महत्व है, अगर आप किसी परेशानी से ग्रसित हैं तो अग्नि के सामने उस परेशानी का जिक्र कीजिए और भगवान से प्रार्थना कीजिए कि वो हमारी समस्या का निपटारा जल्द से जल्द कीजिए और इस दौरान आप एक खास मंत्र का भी जाप कीजिए, आपकी सारी समस्याओं का निवारण देखिएगा जल्द ही हो जाएगा।
वो मंत्र निम्नलिखित है...
अहकूटा भयत्रस्तैः कृता त्वं होलि बालिशैः।
अतस्वां पूजयिष्यामि भूति-भूति प्रदायिनीम् ॥

नौकरी या बिजनेस से परेशान हैं तो कीजिए ये उपाय
अगर आप नौकरी या बिजनेस से परेशान हैं तो होलिका दहन होने के बाद पूजा स्थल पर नारियल चढ़ायें।अगर आप या आपका कोई अपना लगातार खराब स्वास्थ्य से तंग है तो आप होलिका दहन वाले स्थल से भभूत उठाकर मरीज के सोने वाली जगह पर छिड़क दीजिये, बीमारी झट से गायब हो जायेगी।












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