होली भाई दूज 2022: जानिए भाई दूज का शुभ मुहूर्त, इस दिन बहन से तिलक कराने पर होते हैं यह लाभ
नई दिल्ली, मार्च 19। हिंदू रीति रिवाजों के अनुसार भाई दूज का पर्व साल में दो बार मनाया जाता है। एक तो दीवाली के बाद और एक होली के बाद। कहते हैं कि वैसे तो दीवाली के बाद आने वाली भाई दूज का सबसे अधिक महत्व होता है, लेकिन होली के बाद भी आने वाली भाई दूज का अपना ही महत्व है। होली भाई दूज हिंदू संस्कृति के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। आपको बता दें कि रक्षा बंधन की तरह ही यह दिन भी भाई-बहन के बीच स्नेह के बंधन का प्रतीक है।

चैत्र महीने के द्वितीय तिथि को मनाई जाती है होली भाई दूज
होली भाई दूज हर साल चैत्र महीने की द्वितीय तिथि के दिन आती है। साथ ही होली के दो दिन बाद इस त्योहार को मनाया जाता है। वहीं दीवाली के बाद आने वाली भाई दूज कार्तिक मास में दीवाली के दो दिन बाद मनाया जाती है। इस साल 20 मार्च को है होली भाई दूज
इस दिन भाई को तिलक करती है बहन
इस साल की होली भाई दूज 20 मार्च को मनाई जाएगी। धार्मिक ग्रंथों की मानें तो इस दिन बहन के घर जाकर भोजन करने व तिलक कराने से भाई की उम्र लंबी होती है और नरक की यातनाओं से मुक्ति मिलती है। साथ ही सभी कष्टों का निवारण भी होता है।
होली भाई दूज 2022 का शुभ मुहूर्त और समय
आपको बता दें कि 20 मार्च को होने वाली होली भाई दूज की शुरुआत 19 मार्च को सुबह 11:35 से हो जाएगी और 20 मार्च को सुबह 10:10 बजे तक रहेगी।
होली भाई दूज का महत्व
आपको बता दें कि यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक होता है। इस दिन बहनें भाई की आरती उतारकर और भाई के माथे पर टीका या तिलक लगाकर अपने भाइयों की सलामती की प्रार्थना करती हैं। हर हिंदू त्योहार की तरह, भाई दूज की पृष्ठभूमि की कहानी मंत्रमुग्ध कर देने वाली है। किंवदंतियों के अनुसार, यह अनुष्ठान देवी यमुना और उनके भाई भगवान यम से जुड़ा है जो भगवान शुंग और संग्या के वंशज थे। ऐसा माना जाता है कि यमुना अक्सर यम को अपने घर आने के लिए आमंत्रित करती थी।
लेकिन, काम में व्यस्त रहने के कारण, यम अपनी बहन के निमंत्रण को विनम्रता से अस्वीकार कर देते थे। हालांकि, एक दिन उसने अपनी बहन यमुना के घर जाकर उसे चौंका दिया। इसने यमुना को प्रसन्न कर दिया और उसने अपने भाई यम के माथे पर टीका लगाकर उसका स्वागत किया और उसके लिए विभिन्न व्यंजन भी तैयार किए। उसके बाद यमुना ने उनसे भाई दूज पर भाइयों को लंबी उम्र का आशीर्वाद देने के लिए कहा। उसी दिन से यह दिन हिंदू परंपरा में महत्वपूर्ण हो गया।












Click it and Unblock the Notifications