Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

1 हजार मजदूरों की मेहनत से 11 साल में बना 125 फीट ऊंचा मंदिर, यहां जैसी कहीं नहीं मनती होली

मथुरा. इस बार की होली वृंदावन के प्रेम मंदिर में फूलों और प्राकृतिक रंगों से जिस तरह से सराबोर हुई, श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। होली का पर्व यूं तो देशभर में उल्लास के साथ और अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है, लेकिन वृंदावन वो जगह है जहां भगवान कृष्ण का बचपन बीता। जगद्गुरु कृपालु जी महाराज ने श्रीकृष्ण और राधा के ब्रज में दो मंदिर ऐसे बनवाए, जिनके दर्शन कर आप अपार आनंद की अनुभूति करेंगे। एक वृंदावन में प्रेम मंदिर और दूसरा बरसाना में बना कीर्ति मंदिर। इन दोनों मंदिरों के निर्माण में एक-एक दशक से भी ज्यादा का समय लगा। प्रेम मंदिर 125 फीट ऊंचा है और यह 54 एकड़ भूमि में फैला है।

यहां आज आप प्रेम मंदिर के बारे में रोचक बातें जानिए, जो कि बेजोड़ कला का उदाहरण है। जहां होली-दिवाली बहुत ही खास तरीकों से मनती हैं।

वर्ष 2001 में शुरू हुआ था निर्माण कार्य

वर्ष 2001 में शुरू हुआ था निर्माण कार्य

वृंदावन में प्रेम मंदिर 11 सालों में बनाकर तैयार हुआ। इस मंदिर को बनाने की घोषणा साल 2001 में हुई थी। इसके निर्माण-कार्य में करीब 1000 मजदूरों को लगाया गया। सन् 2012 में इसका काम पूरा कर दिया गया था। 125 फीट की ऊंचाई के अलावा यह मंदिर 122 फीट लंबा और 115 फीट चौड़ा भी है। इस मंदिर की मुख्य रचना संगमरमर के पत्थर से बनी हुई है। पुजारी बताते हैं कि इटली से आए 30 हजार टन संगमरमर पर इस सवा सौ फुट ऊंचे मंदिर की सूरत दी गई है।

94 कलामंडित स्तंभों वाला है यह मंदि‍र

94 कलामंडित स्तंभों वाला है यह मंदि‍र

इस मंदिर में 94 कलामंडित स्तंभ हैं, जिनमें किंकिरी और मंजरी सखियों के विग्रह दर्शाए गए हैं। यह ऐसा मंदिर है, जिसकी सतरंगी रोशनी से लोग चौंधिया जाते हैं। वृंदावन का यह मंदिर विदेशियों के बीच सर्वाधिक पसंद है। दीवाली, जन्माष्टमी और होली के मौके पर इसके अद्भुत दृश्य श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।

रंगीन फव्वारे और राधा—कृष्ण की मनोहर झांकियां

रंगीन फव्वारे और राधा—कृष्ण की मनोहर झांकियां

मंदिर के अंदर भगवान राधा-कृष्ण और सीता-राम का खूबसूरत फूल बंगला भक्‍तों के लि‍ए आकर्षण का केंद्र रहे हैं। इस मंदिर के दृश्य और कांति देख व्यक्ति का प्रेम जाग उठता है। यहां कई तरह के फूलों के खूबसूरत बगीचे लगाए गए हैं। फव्वारे, श्रीकृष्ण और राधा की मनोहर झांकियां, श्रीगोवर्धन धारणलीला, कालिया नाग दमनलीला, झूलन लीलाएं बेहतर तरीके से दिखाई गई हैं।

फूलों से ही होता है राधा-कृष्ण का श्रृंगार

फूलों से ही होता है राधा-कृष्ण का श्रृंगार

होली के अवसर पर यहां विशेष आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर यहां राधा-कृष्ण का फूलों और रंगों से विशेष श्रृंगार होता है। इसके बाद फूलों और प्राकृतिक रंगों की बौछार की जाती है। इस होली के आयोजन में शामिल होने के लिए देश विदेश के लोग यहां आते हैं। यहां अधिकांश स्तम्भों पर गोपियों की मूर्तियां अंकित हैं।

किसी का भी मन मोह सकती है सतरंगी रोशनी

किसी का भी मन मोह सकती है सतरंगी रोशनी

जो लोग इस मंदिर के दर्शन करने शाम साढ़े 6 बजे आते हैं, वे पल-पल जीती पीला, हरा, नीला, गुलाबी सहित सात रंगों वाली जगमगाहट पर लट्टू हो जाते हैं। भव्य मंदिर बाहर से देखने पर जितना खूबसूरत लगता है, उतना ही अंदर से भी मन को मोहता है। इस मंदिर की खूबसूरती को देखने के लिए रोज हजारों लोगों की भीड़ पहुंचती है। भक्‍ति‍ भाव में डूबे हुए भक्त सीता-राम और राधे-राधे बोले बिना नहीं रह पाते।

30 सेकेंड में बदलता रहता है मंदिर का रंग

30 सेकेंड में बदलता रहता है मंदिर का रंग

दिन में जब इस मंदिर को देखते हैं, तो यह एकदम सफेद नजर आता है। मगर, शाम को नजारे देखते बनते हैं। स्पेशल लाइटिंग से मंदिर का रंग हर 30 सेकेंड में बदलता रहता है। यहां भगवान राधा-कृष्ण और कृपालू महाराज की विविध झांकियों का अंकन किया गया। वर्ष 2014 में कृपालू महाराज का निधन हो गया। हालांकि, इस दौरान भी ब्रजभूमि में कई मंदिरों का निर्माण कार्य होता रहा।

प्रेमभवन में 15000 लोगों के बैठने की क्षमता

प्रेमभवन में 15000 लोगों के बैठने की क्षमता

इस मंदिर का सत्संग भवन भी विशाल है, जो बिना पिलर के बना है। इसमें भक्तों के बैठने की क्षमता 15000 हजार है। अंदर होने पर आप महसूस करेंगे कि ऐसा हॉल दुनिया में कहीं नहीं है। इसे प्रेम भवन नाम दिया गया है। वर्ष 2018 में यह आम लोगों के लिए खोला गया।

जानिए, आप कैसे पहुंचें मंदिर के दर्शन करने

जानिए, आप कैसे पहुंचें मंदिर के दर्शन करने

यदि आप मथुरा जिले से बाहर के हैं, तो प्रेम मंंदिर के दर्शन हेतु सबसे पहले आपको मथुरा पहुंचना होगा। हवाई जहाज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मथुरा से 46 किमी दूर आगरा का खेरिया एयरपोर्ट है। इसके अलावा 136 किमी दूर दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है।

देशभर से चलती हैं मथुरा के लिए सीधी ट्रेनें

देशभर से चलती हैं मथुरा के लिए सीधी ट्रेनें

देश के अन्य प्रमुख शहरों से मथुरा के लिए नियमित ट्रेनें हैं। यहां के 2 प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं मथुरा जंक्शन और मथुरा कैंट। ट्रेन से उतरने के बाद आपको वृंदावन के लिए वाहन लेने होंगे। मथुरा नियमित बसों के माध्यम से भी देश के अन्य प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।

ऐसे पहुंचें मथुरा से वृंदावन

ऐसे पहुंचें मथुरा से वृंदावन

मथुरा से वृंदावन करीब 14.4 किलोमीटर दूर है। नेशनल हाईवे-19 अथवा नेशनल हाईवे-44 से बस या वैन के जरिए आधे घंटे में वृंदावन पहुंचा जा सकता है। मथुरा से वृंदावन के लिए कैब, आॅटो या बाइक भी कर सकते हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+