Gangaur Vrat 2021: इन गीतों के बिना अधूरा है 'गणगौर' का त्योहार, सुनें Top 5 Songs
नई दिल्ली, 15 अप्रैल। पूरे देश में आज गणगौर तीज का त्योहार मनाया जा रहा है, सुहागन स्त्रियों का प्रिय त्योहार पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है। आज सभी विवाहित महिलाएं सोलह श्रृंगार करके शाम को गणगौर माता की पूजा करके अपने सुहाग की रक्षा के लिए उनसे प्रार्थना करती हैं। गणगौर यानी की पार्वती जी, आज के दिन मां पार्वती को सौभाग्यवती होने का वरदान प्राप्त हुआ था इसलिए आज जो भी महिला ये व्रत करती है, उसे सौभाग्यशाली होने का गौरव प्राप्त होता है। वैसे ये व्रत केवल विवाहित स्त्रियां नहीं रखती हैं, बल्कि ये उपवास सुयोग्य पति की चाहत में अविवाहित लड़कियां भी रखती हैं। गणगौर की पूजा उत्तर भारतीय राज्यों में बहुत ज्यादा लोकप्रिय है।

वैसे हमारे यहां कोई भी उपवास या पूजा पाठ बिना संगीत के अधूरा होता है, इस पावन पर्व हम आपके लिए लाए हैं गणगौर माता के सुंदर गीत, जिन्हें सुनकर आपका मन प्रसन्न हो जाएगा।
यहां सुनिए गणगौर माता के लोकगीत
- गोर हे गनगौर माता, कृपा बजनु हम पर ( Video)
- अना बना को चंपो.. ( Video)
- सोना रूपा का घड़ा घड़ीला ..( Video)
- म्हारी रनु बाई को आणो आयो .....( Video)
- म्हारा पियर में बोई गणगौर ... ..( Video)
पूजा विधि
- गणगौर व्रत में महिलाएं पूरे दिन उपवास रखती हैं और पूजा करने के बाद अन्न ग्रहण करती हैं।
- गणगौर माता की मूर्ति बालू या मिट्टी से बनाई जाती है और उस पर सारे शृंगार के समान सजाए जाते हैं।
- विशेष रूप से माता को महावर और सिंदूर चढ़ाया जाता है
- ये सिंदूर ही सुहागिन महिलाएं अपनी मांग में भरती हैं।
- गणगौर माता को चढ़ाया गया प्रसाद पुरूष नहीं खाते हैं।
- पूजा करने के बाद महिलाएं गणगौर माता की कथा सुनती हैं।
- और शाम को गणगौर माता को विसर्जित कर दिया जाता है।












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