Navratri 2019: नवरात्रि में क्यों किया जाता हैं मां का 16 श्रृंगार?
इलाहाबाद। नवरात्रि में केवल मां का श्रृंगार ही मायने नहीं रखता है बल्कि मां की पूजा करने वाले भक्तजनों का भी संजना-संवरना काफी जरूरी है। इलाहाबाद के पंडित स्वामी नाथ शर्मा का कहना है कि मां का श्रृंगार हमलोग इसलिए करते हैं क्योंकि वो पावन हैं, सर्वशक्तिमान और सुंदर हैं, जिनकी छांव में इंसान हर दर्द भूल जाता है, जब बच्चों को ममता की जरूरत बनती हैं तो वो परमप्रिया मां पार्वती बन जाती हैं और जब बच्चों की जान पर बन आती हैं तो वो मां काली का रूप धर लेती हैं, इसलिए भक्तजन खुश होकर अपनी मां को सजाते हैं।

मां की तरह भक्त को भी संजना-संवरना चाहिए
पंडित स्वामी नाथ शर्मा ने कहा कि मां का वास हर भक्त के दिल में होता है इसलिए मां की तरह भक्त को भी संजना-संवरना चाहिए क्योंकि इस वजह से को खुश और शांत रहेगा जो कि किसी भी काम को करने के लिए बहुत ज्यादा जरूरी हैं। इसलिए दुर्गासप्तशति और पुराणों में मां के श्रृंगार का वर्णन होता है।

मोतियों और गहनों से सजाया जाता है
मालूम हो कि नवरात्र में कई जगहों पर मां को फूलों से तो कई जगह मोतियों और गहनों से सजाया जाता है, यही नहीं कहीं-कहीं तो लोग मां का श्रृंगार करते समय काफी नाचते-गाते भी हैं। मां की भक्ति का यह भी एक मोहक हिस्सा है।

माता को लाल और पीला रंग बहुत पसंद हैं
माना जाता है कि माता को लाल और पीला रंग बहुत पसंद हैं और वो इन रंग के कपड़ों को पहनती हैं इसी कारण इन रंगो के कपड़ों का प्रयोग हर शुभ काम में किया जाता है। इसलिए मां को प्रसन्न करने के लिए हर जातक अपनी हर संभव कोशिश करता है। तो वो मां काली का रूप धर लेती हैं, इसलिए भक्तजन खुश होकर अपनी मां को सजाते हैं।

घट स्थापना मुहूर्त
इस बार सिर्फ 50 मिनट का मुहूर्त ही घटस्थापना का रहेगा। 06 अप्रैल को मध्यान्ह 12:05 मि0 से 12: 55 मिनट तक ही घटस्थापना करना फलदायी रहेगा












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