खजराना सिविल अस्पताल पर जिला प्रशासन की सफाई, दवा-उपकरण खरीदी के दावों को बताया गलत
इंदौर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित 100-बेड खजराना सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग से भूमि हस्तांतरण पूरा न होने के कारण देरी हो रही है। दवाओं या उपकरणों की कोई खरीद नहीं हुई है, और कर्मचारियों को मंजूरी और अंतिम अनुमोदन लंबित होने तक अन्य सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में तैनात किया गया है।
इंदौर के खजराना क्षेत्र में प्रस्तावित 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल को लेकर मीडिया में प्रसारित खबरों के बाद जिला प्रशासन ने तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन ने कहा है कि अस्पताल निर्माण में देरी का मुख्य कारण स्वास्थ्य विभाग को आवंटित भूमि का वास्तविक हस्तांतरण नहीं होना है। साथ ही यह भी साफ किया गया कि अस्पताल के नाम पर अब तक किसी प्रकार की दवाओं या चिकित्सा उपकरणों की खरीदी नहीं की गई है।

कलेक्टर शिवम वर्मा को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा सौंपे गए प्रतिवेदन में बताया गया कि ग्राम खजराना स्थित सर्वे क्रमांक 435/1/1 पैकी की 0.700 हेक्टेयर भूमि अस्पताल निर्माण के लिए स्वास्थ्य विभाग को आवंटित की गई थी, लेकिन अब तक उसका वास्तविक कब्जा विभाग को नहीं मिल सका है। वर्तमान में उक्त भूमि का उपयोग नगर निगम इंदौर द्वारा किया जा रहा है, जिसके चलते अस्पताल भवन निर्माण शुरू नहीं हो पाया।
प्रशासन के अनुसार 6 जुलाई को आयोजित बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को भूमि से कब्जा हटाकर स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अस्पताल भवन निर्माण के लिए आवश्यक प्रशासकीय स्वीकृतियां प्राप्त की जाएंगी। फिलहाल भवन निर्माण के लिए शासन स्तर से कोई स्वीकृति आदेश जारी नहीं हुआ है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार वर्ष 2021 में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा खजराना सिविल अस्पताल के लिए कुल 87 पद स्वीकृत किए गए थे। इनमें अब तक 29 स्टाफ नर्स, 5 फार्मासिस्ट और 1 लैब टेक्नीशियन की पदस्थापना की जा चुकी है।
अस्पताल भवन अस्तित्व में नहीं होने और संस्था के शुरू नहीं हो पाने के कारण इन कर्मचारियों की सेवाएं फिलहाल शहर की अन्य शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में ली जा रही हैं। प्रशासन ने कहा कि सभी कर्मचारियों को नियमानुसार कार्य आवंटित किया गया है और संबंधित संस्थानों के प्रभारी उनके कार्य का प्रमाणीकरण भी कर रहे हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि खजराना सिविल अस्पताल के लिए किसी चिकित्सक की पदस्थापना के आदेश जारी नहीं किए गए हैं।
दवा और उपकरण खरीदी की खबरों का प्रशासन ने किया खंडन
जिला प्रशासन ने मीडिया में प्रसारित उन खबरों का भी खंडन किया, जिनमें अस्पताल के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय व्यय और खरीदी का दावा किया गया था। प्रशासन के मुताबिक प्रस्तावित अस्पताल के लिए अब तक किसी प्रकार की औषधि, चिकित्सा उपकरण या अन्य सामग्री की खरीदी नहीं हुई है। इसके लिए कोई वित्तीय आवंटन भी प्राप्त नहीं हुआ है।
प्रशासन ने कहा कि अस्पताल परियोजना से जुड़े सभी कार्य शासन के नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किए जाएंगे। भूमि हस्तांतरण और भवन निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू होगी। कलेक्टर शिवम वर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं के बजाय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।












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