Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Gupt Navratri 2025: गुप्त नवरात्रि में अपनी राशि अनुसार करें मां को करें इत्र भेंट, चमक जाएगी किस्मत

Gupt Navratri 2025: गुप्त नवरात्रि देवी दुर्गा की प्रिय नवरात्रियों में से एक होती हैं और इसमें देवी की तांत्रिक पूजा अनुष्ठान करके उन्हें प्रसन्न किया जा सकता है। देवी दुर्गा ही नहीं, समस्त देवी-देवताओं को इत्र अत्यंत प्रिय होता है और इसका वर्णन अनेक मंत्रों में मिलता भी है। गंध अर्थात् सुगंध अर्पित करने के मंत्र भी शास्त्रों में मिलते हैं। इत्र का प्रयोग तंत्र-मंत्रों में किया जाता है।

देवी भागवत पुराण, तंत्रसार, कौलज्ञाननिर्णय, योगिनी तंत्र आदि ग्रंथों में इत्र और सुगंधित पदार्थों की महिमा का वर्णन है। कौमारी तंत्र में कहा गया है: \"सुगन्धिनां तुष्यति देवता नित्यं, दुर्गातन्त्रे गन्धस्य प्रीतिकरत्वं श्रुतम्।\"

Gupt Navratri 2025

गुप्त नवरात्रि का समय ऐसा होता है जब देवी दुर्गा को विभिन्न सामग्री भेंट करके उन्हें प्रसन्न करने का प्रयास किया जाता है। इत्र देवी को प्रिय है इसलिए देवी दुर्गा को यह अवश्य भेंट किया जाना चाहिए। इत्र यदि अपनी राशि के अनुसार देवी को अर्पित किया जाए तो अत्यंत श्रेष्ठ होता है। इससे किस्मत के बंद दरवाजे भी खुल जाते हैं।

राशि के अनुसार देवी को कौन-सा इत्र भेंट करें-

  • मेष : चंदन का इत्र लगाएं
  • वृषभ: गुलाब का इत्र लगाना चाहिए
  • मिथुन: मोगरा का इत्र शुभ होता है
  • कर्क: चमेली का इत्र अर्पित करना चाहिए
  • सिंह: केसर का इत्र भेंट करें
  • कन्या: चंदन का इत्र देवी को भेंट करें
  • तुला: गुलाब का इत्र देवी को लगाएं
  • वृश्चिक: कस्तूरी का इत्र भेंट करें
  • धनु: चंदन का इत्र लगाएं
  • मकर: केवड़ा का इत्र पसंदीदा है
  • कुंभ: गुलाब का इत्र लगाना चाहिए
  • मीन: चमेली का इत्र भेंट करें

इत्र अर्पण करने की विधि (Gupt Navratri 2025)

देवी को इत्र अर्पण करने की शास्त्रीय विधि है। सबसे पहले देवी के सामने आसन बिछाकर आराम से बैठ जाइए। पूजा करने के बाद अपनी राशि से संंबंधित इत्र लेकर उसे दाहिने हाथ की अनामिका उंगली से देवी के वस्त्रों पर लगाएं। इस समय गंधम् समर्पयामि मंत्र बोलें। इत्र को जल में मिलाकर देवी का अभिषेक भी किया जा सकता है। विशेषकर बगलामुखी और त्रिपुरसुंदरी साधनाओं में इसका प्रयोग अवश्य करना चाहिए।

मनुष्य को कहां लगाना चाहिए इत्र (Gupt Navratri 2025)

देवी को इत्र अर्पित करने के बाद साधक को स्वयं भी थोड़ा सा इत्र लगाना चाहिए। इत्र दोनों कान के पीछे, हृदय पर और नाभि पर लगाना चाहिए। इससे देव प्रसन्न होते हैं और स्वयं को भी सात्विकता का अनुभव होता है। आपके सारे ग्रहों का संतुलन करेगा और कभी कोई परेशानी जीवन में नहीं आएगी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+