Gupt Navratri 2019: इस बार आठ दिन की होगी गुप्त नवरात्रि, बन रहे हैं शुभ संयोग
नई दिल्ली। देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए वर्ष के सबसे पवित्र और सिद्ध दिन नवरात्रि के माने गए हैं। इन नौ दिनों में देवी अपने भक्तों और साधकों पर पूर्ण कृपा बरसाने को आतुर रहती है। जो लोग जीवन में धन, मान, सुख, संपत्ति, वैभव और सांसारिक सुखों को पाना चाहते हैं, उन्हें देवी के सिद्ध दिनों में साधना जरूर करना चाहिए।अधिकांश लोग वर्ष की दो नवरात्रियों के बारे में ही जानते हैं। ये नवरात्रियां चैत्र और शारदीय नवरात्रि कहलाती हैं, लेकिन इन दो के अलावा दो और नवरात्रियां होती हैं जिन्हें गुप्त नवरात्रि कहा जाता है।

ये गुप्त नवरात्रि माघ और आषाढ़ माह में आती है। गुप्त नवरात्रियों का महत्व चैत्र और शारदीय नवरात्रियों से भी अधिक हैं क्योंकि इनमें देवी अपने पूर्ण स्वरूप में विद्यमान रहती हैं जो प्रकट रूप में नहीं होता है। गुप्त नवरात्रियों में देवी शीघ्र प्रसन्न होती हैं, लेकिन इसमें सबसे जरूरी और महत्वपूर्ण बात यह है कि साधकों को पूर्ण संयम और शुद्धता से देवी आराधना करना होती हैं।

8 दिन की होगी गुप्त नवरात्रि
आषाढ़ माह की यह गुप्त नवरात्रि इस बार आठ दिनों की है। सप्तमी तिथि का क्षय होने के कारण यह स्थिति बनी है। 3 जुलाई को गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होगी और 10 जुलाई को भड़ली नवमी के साथ गुप्त नवरात्रि पूर्ण होगी। गुप्त नवरात्रि में इस बार सर्वार्थसिद्धि और रवि योग के साथ ही अत्यंत शुभ माना जाने वाला गुरु-पुष्य संयोग भी बन रहा है। यह संयोग 4 जुलाई को यानी नवरात्रि के दूसरे दिन बनेगा। इसके अलावा विनायक चतुर्थी, कुमार षष्ठी, विवस्वत सप्तमी जैसे पर्व भी आएंगे। इसी नवरात्रि में जगदीश रथयात्रा भी पूर्ण होगी। गुप्त नवरात्रि के आठ दिनों में तीन बार रवियोग और एक बार सर्वार्थसिद्धि योग आएगा।

गुप्त साधनाओं के लिए सिद्ध दिन
गुप्त नवरात्रि में अधिकांश साधक देवी की आराधना करके अधिक से अधिक लाभ-पुण्य कमाने का प्रयास करते हैं। गुप्त नवरात्रि के दिन तंत्र-मंत्र सिद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन माने गए हैं। कई साधक इन दिनों में दसों महाविद्याओं की साधना भी करते हैं। इनसे न केवल स्वयं के जीवन की परेशानियों का अंत होता है, बल्कि वे दूसरों की भलाई के काम भी कर सकते हैं।
सुखी जीवन के लिए करें देवी आराधना
गृहस्थ साधक जो सांसारिक वस्तुएं, भोग-विलास के साधन, सुख-समृद्धि और निरोगी जीवन पाना चाहते हैं उन्हें इन नौ दिनों में दुर्गासप्तशती का पाठ करना चाहिए। यदि इतना समय न हों तो सप्तश्लोकी दुर्गा का प्रतिदिन पाठ करें। देवी को प्रसन्न करने के लिए और साधना की पूर्णता के लिए नौ दिनों में लोभ, क्रोध, मोह, काम-वासना से दूर रहते हुए केवल देवी का ध्यान करना चाहिए। कन्याओं को भोजन कराएं, उन्हें यथाशक्ति दान-दक्षिणा, वस्त्र भेंट करें।

गुप्त नवरात्रि के 8 दिनों की प्रमुख तिथियां
- 3 जुलाई बुधवार- प्रतिपदा- गुप्त नवरात्रि प्रारंभ, देवी साधना प्रारंभ
- 4 जुलाई गुरुवार- द्वितीया- जगदीश रथयात्रा पूर्ण, गुरु-पुष्य संयोग
- 5 जुलाई शुक्रवार- तृतीया- रवियोग रात्रि 12.19 बजे तक
- 6 जुलाई शनिवार- चतुर्थी- विनायक चतुर्थी
- 7 जुलाई रविवार- पंचमी- सर्वार्थसिद्धि योग, कुमार षष्ठी, बुध वक्री
- 8 जुलाई सोमवार- षष्ठी- रवियोग, विवस्वत सप्तमी, षष्ठी तिथि प्रातः 7.42 तक ही रहेगी।
- 9 जुलाई मंगलवार- अष्टमी- दुर्गा अष्टमी, सप्तमी तिथि का क्षय
- 10 जुलाई बुधवार- नवमी- भड़ली नवमी, नवरात्रि पूर्ण, रवियोग












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