Govardhan Puja 2021: पढ़ें गोवर्धन भगवान की आरती और मंत्र
नई दिल्ली, 05 नवंबर। आज 'गोवर्धन पूजा' है। इस पर्व को 'अन्नकूट' भी कहा जाता है। आज के दिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लोग कई तरह के पकवान बनाकर श्रीकृष्ण को भोग लगाते हैं और उनसे अपने और अपने परिवार के लोगों की रक्षा करने की प्रार्थना करते हैं। आज के दिन पूजा विशेष मंत्रों और आरती के साथ होनी चाहिए, ये आपको सुख-शांति और समृद्धि प्रदान करेगा।
Recommended Video

गोवर्धन पूजा का मंत्र
गोवर्धन धराधार गोकुल त्राणकारक।
विष्णुबाहु कृतोच्छ्राय गवां कोटिप्रभो भव।।
गोवर्धन भगवान की आरती
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े,
तोपे चढ़े दूध की धार।
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
तेरी सात कोस की परिकम्मा,
और चकलेश्वर विश्राम
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
तेरे गले में कण्ठा साज रहेओ,
ठोड़ी पे हीरा लाल।
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
तेरे कानन कुण्डल चमक रहेओ,
तेरी झाँकी बनी विशाल।
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
गिरिराज धरण प्रभु तेरी शरण।
करो भक्त का बेड़ा पार
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
गोवर्धन पूजा के साथ-साथ आज श्रीकृष्ण जी की भी पूजा करनी चाहिए। कान्हा जी को प्रसन्न करने के मंत्र निम्नलिखित हैं
- हे कृष्ण द्वारकावासिन् क्वासि यादवनन्दन। आपद्भिः परिभूतां मां त्रायस्वाशु जनार्दन।।
- ॐ नमो भगवते तस्मै कृष्णाया कुण्ठमेधसे। सर्वव्याधि विनाशाय प्रभो माममृतं कृधि।।
- 'ॐ नमो भगवते श्री गोविन्दाय'
- कृं कृष्णाय नमः












Click it and Unblock the Notifications